रेवाड़ी: राज्य आपदा प्राधिकरण द्वारा कोविड-19 मामलों में वृद्धि को रोकने के लिए पूरी एहतियात व सावधानी बरती जा रही है और समय-समय पर एडवाइजरी जारी कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि देश और प्रदेश में कोविड संक्रमण के फैलाव को रोका जा सके।इसके तहत ही हिमाचल श्रावण नवरात्रि के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की गई है। उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने कहा है कि हिमाचल जाने वाले लोग इन गाईडलाइन्स का पालन करे।
जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने बताया कि कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर हिमाचल में 9 अगस्त से 17 अगस्त तक चलने वाले श्रावण अष्टमी नवरात्रा के दौरान विभिन्न मंदिरों व धार्मिक स्थानों पर तीर्थ यात्रियों के एकत्रित होने की संभावना को देखते हुए कोविड-19 के उचित व्यवहार को बनाए रखना अति आवश्यक है।
आगामी 9 अगस्त 2021 से शुरू हो रहे श्रावण मास के नवरात्रों को लेकर सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए कुछ नए प्रतिबंध लागू किए हैं। प्रदेशभर के मंदिरों में नो मास्क-नो दर्शन पॉलिसी लागू की गई है। प्रदेश के मंदिरों व धार्मिक स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं को अपने साथ आरटी-पीसीआर की 72 घंटे पूर्व की नेगेटिव रिपोर्ट लेकर आनी होगी या फिर दोनों डोज का वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट लाना होगा।
ये प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं, जोकि 18 अगस्त तक प्रभावी रहेंगे। बाहर से आने वाले पर्यटकों पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। सरकार के डिजास्टर मैनेजमेंट सैल की ओर से जारी किए गए आदेशों में कहा गया है कि सुपर स्प्रेडर इवेंट से बचने के लिए ये प्रतिबंध अति आवश्यक हैं।
जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट ने सभी मेला अधिकारियों और पुलिस मेला अधिकारियों को मंदिरों में नो मास्क-नो दर्शन पॉलिसी लागू करने के लिए कहा है। मंदिरों में सामाजिक दूरी को बनाए रखने के साथ सेनेटाइजेशन, लोगों को जागरूक करना और कानूनी तरीके से नियमों को लागू करवाने के लिए कहा गया है।
सभी मंदिरों में थर्मल स्क्रीनिंग बेहद जरूरी होगी। वहीं हैंड वॉश की भी व्यवस्था की जाएगी। राज्य के सभी जिलों में मौजूद बॉर्डर पर बेवजह की भीड़ एकत्रित नहीं होने देने के आदेश भी आपदा प्रबंधन की ओर से जारी किए गए हैं।
इसके अलावा कोई व्यक्ति यदि झूठी रिपोर्ट पेश करता है और पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें उस पर आईपीसी की धारा-188 के तहत कार्रवाई होगी। आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 22 (2) (एच) और धारा 24 के तहत प्रदत्त शक्तियों के तहत संबंधित जिलाधीश अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में श्रावण अष्टमी नवरात्रा प्रबंधन में कोविड-19 उचित व्यवहार की पालना सुनिश्चित करवाएंगे।
इस दौरान पीने के पानी, चिकित्सा सुविधा, छाया और बैठने जैसी मूलभूत सुविधाएं चेकिंग पॉइंट्स पर जगह सुनिश्चित की जाए। कोविड की फर्जी रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60 व आईपीसी की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










