सिरसा। समाज सेवा में सदैव अग्रणी रहने वाली संस्था ‘हारे का सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट’ के प्रधान मनीष सिंगला ने एक बार फिर सामाजिक समरसता और मानवीय सरोकार की अनूठी मिसाल पेश की है। सिरसा जिले के समीपवर्ती गाँव मोरीवाला में मनीष सिंगला द्वारा सामाजिक व पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए बिना बाप की बेटी की शादी में पूरे रीति-रिवाज के साथ ‘भात’ भरने की रस्म अदा की गई। गाँव मोरीवाला निवासी श्रीमती अंगूरी देवी के परिवार में पुत्री सपना के विवाह अवसर पर हारे का सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रधान मनीष सिंगला ने खुद आगे बढ़कर मामा की भूमिका निभाई और भात भरने की रस्म पूरी की।
ग्रामीणों ने कहा कि ‘हारे का सहारा’ नाम को चरितार्थ करते हुए मनीष सिंगला ने संकट और दुख की घड़ी में इस परिवार का हाथ थामकर यह साबित कर दिया है कि इंसानियत और सामाजिक रिश्ते हर चीज़ से ऊपर हैं। मनीष सिंगला ने कहा कि यह सब उनकी स्वर्गीय माँ सुशीला देवी के आशीर्वाद से हो रहा हैं। बेटियों के घर जाकर जब उन्हें आशीर्वाद देते हुए भात भरते हैं तो माता श्री के चरणों में प्रणाम हो रहा होता हैं। मनीष सिंगला ने कहा कि बेटियां सभी की सांझी होती हैं और ये पैदा नहीं बल्कि अवतरित होती हैं। इसलिए बेटियों के लिए हारे का सहारा ट्रस्ट हमेशा तैयार रहता हैं। मनीष सिंगला ने कहा कि जगह जगह बहन बेटियों के भात भरने से लगता है जैसे गोवर्धन की परिक्रमा हो रही है ,आनंद की बांसुरी बज रही है और माताश्री को श्रद्धा के पुष्प अर्पित हो रहे हो। भात की रस्म के दौरान गाँव मोरीवाला के अनेक गणमान्य लोग, मौजिज व्यक्ति और डगला परिवार के रिश्तेदार मौजूद रहे। सभी ने मनीष सिंगला और उनके ट्रस्ट के इस सेवाभावी कदम की सराहना की और नवविवाहित जोड़े को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। इस मौके पर निजी सचिव हरपिंदर शर्मा, योगेश बिज़ारनिया, प्रेम, अनूप बिश्नोई, त्रिलोक चंद , राकेश इत्यादि मौजूद थे।





