गुरुग्राम, 24 अप्रैल।
डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि समाधान शिविर के माध्यम से निवारण के लिए पोर्टल पर दर्ज हर शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर समयसीमा के भीतर समाधान किया जाए और की गई कार्रवाई का विवरण पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग प्रतिदिन पोर्टल की निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी शिकायत को अनदेखा न किया जा सके।
लघु सचिवालय सभागार में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान डीसी उत्तम सिंह ने समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों का विभागवार आकलन किया और अधिकारियों को लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो माह से अधिक पुरानी कोई भी शिकायत लंबित नहीं रहनी चाहिए और यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर उसका निपटारा करे। साथ ही, सभी विभाग निर्धारित समयावधि में एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
डीसी ने कहा कि समाधान शिविर आमजन को त्वरित राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनते हैं। इससे शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया तेज होती है और लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि इन शिविरों के माध्यम से प्रशासन को जमीनी स्तर की वास्तविक समस्याओं की बेहतर समझ मिलती है, जिससे नीतियों और कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं।
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक शिकायत को केवल दर्ज कर निपटाने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसकी गहराई में जाकर कारणों की पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समस्याओं के मूल कारणों को चिन्हित कर स्थायी समाधान किया जाएगा, तो भविष्य में उसी प्रकार की शिकायतों की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि निस्तारण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और उसकी स्पष्ट रिपोर्ट तैयार कर संबंधित स्तर पर साझा की जाए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो |











