
औद्योगिक इकाइयों में बढ़ रहे पॉजिटिव केस ,
रेवाड़ी में संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 1700 पार ,
रिकवरी रेट भी काफी अच्छा, 1284 मरीज ठीक हुए ।
रेवाड़ी जिले में भी तेजी से कोरोना वायरस फैल रहा है और जिले के दो औद्योगिक क्षेत्र धारूहेड़ा और बावल के उद्योगों में भी कर्मचारी आये दिन पॉजिटिव पाए जा रहें है। अभीतक जिले की औद्योगिक इकाइयों में 250 से ज्यादा मरीज संक्रमित पाए जा चुके है। ऐसे में बिना कंपनी को बंद किये स्वास्थ्य विभाग कोरोना की चेन को तोड़ने की कोशिशों में लगा है । डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार ने बताया कि कंपनी कर्मचारियों की लगातार सैम्पलिंग की जा रही है और कर्मचारियों को खुद की सुरक्षा के लिए जागरूक किया जा रहा है ।
Dr. Ashok kumar
जिले में आज 74 नए केस , 87 ठीक हुए :
जिले में अभी तक 20165 सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 1706 कोविड-पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 1284 नागरिक कोविड संक्रमण से ठीक हुए हैं और अब तक आठ मरीजों की मौत हुई है। अब जिले में कोविड पॉजिटिव के 414 एक्टिव केस रह गए हैं 414 एक्टिव केस में से 18 मरीज विभिन्न अस्पतालों में व 80 जिला कोविड केयर सैंटर में एडमिट हैं, जबकि 316 कोविड मरीज होम आइसोलेट किए गए हैं। आज मिले 74 नए कॉविड पॉजिटिव केसों में से 34 रेवाड़ी शहर, 23 धारूहेड़ा, दो-दो रासियावास, खिजुरी, मुंदी तथा एक-एक गोठड़ा, सुठाना, धवाना, गुड़ियानी, नठेड़ा, भालकी, भड़ंगी, भुरथला, तिहाड़ा, अहरोद व कोसली से संबंधित हैं। जबकि ठीक होने वाले 87 मरीजों में से 35 रेवाडी शहर, 27 धारूहेडा, 8 कोसली, 5 रतन्थल, 3 पिथनवास, 2-2 बुरथल जाट, बव्वा व भालकी तथा एक-एक गुरावड़ा, पदैयावास व भैरमपुर से संबंधित हैं।
डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार ने बताया कि रेवाड़ी शहर और धारूहेड़ा की कुछ मोहल्लों में ज्यादा केस आये थे लेकिन उन्होंने उस इलाके को कंटेनमेन्ट जॉन बंद कर आवाजाही पर रोक लगाई तो अब उन इलाकों में भी पॉजिटिव केसों की संख्या में कमी आई है । उन्होंने बताया कि जो मरीज पॉजिटिव पाया जाता है उसे दस दिन की एक दवाई की कीट और मार्गदर्शन के लिए एक पुस्तिका दी जाती है । जिसमें बताया होता है होम आइसोलेशन के दौरान कैसे रहना है , क्या करना है और क्या नहीं करना । दस दिन की दवा लेने के बाद सात दिन और मरीज को सेल्फ आइसोलेट रखना होता है । 17 दिन बाद मरीज नॉर्मल अपने परिवार के साथ रह सकता है और फिर 28 दिन बाद घर स्व बाहर निक सकता है । पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीज का दौबारा टेस्ट नहीं किया जाता है और मान लिया जाता है वो स्वस्थ हो चुका है । क्योंकि बिना किसी लक्षण के 90 फीसदी मरीज पॉजिटिव पाए जाते है । जिन्हें होम आइसोलेट के दोरान भी स्वास्थ्य दिक्कत नहीं होती इसलिए उन मरीजों को स्वस्थ मान लिया जाता है ।





