झज्जर जिले के बाघपुर गांव में हुआ प्रोफेसर शेर सिंह स्मृति सभा का आयोजन 

By Sahab Ram
On: April 26, 2026 4:44 PM
Follow Us:

जिस प्रकार मेवाड़ की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। उसी प्रकार हरियाणा को बनाने और उसके विकास में प्रोफेसर शेर सिंह ने भी अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया था। वे हरियाणा के हितों के एनसाइक्लोपीडिया थे तथा हिंदी आंदोलन के सामरिक व बौद्धिक योद्धा थे।उनका जीवन आदर्श व सुचिता की खुली किताब था। आज का हरियाणा उन्हीं की देन है। ये उदगार प्रोफेसर शेर सिंह समृति स्थल बाघपुर के नवीनीकरण  समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ओमप्रकाश बेरी ने व्यक्त किये।

ओमप्रकाश बेरी ने कहा कि संयुक्त पंजाब में हरियाणा क्षेत्र के साथ हुई अनदेखी के मुद्दे को लाहौर की विधानसभा में बड़ी बेबाकी से उठाया तो यहां की जनता पर  गुरमुखी के जबरन ठोपने पर हिंदी आंदोलन के चला कर के पंजाब की तत्कालीन सताशाही को माकुल जवाब दिया।उन्होंने बौद्धिक रूप से हरियाणा के बनाने का ड्राफ्ट तैयार किया तो वहीं आंदोलन के जरिए हरियाणा के हितों की आवाज को बुलंद किया, जिसका परिणाम था की 1 नवंबर 1966 को हरियाणा प्रदेश अस्तित्व में आया था।

The ADC imposed a fine of ₹44,998 in two cases of food adulteration.
एडीसी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के दो मामलों में लगाया 44 हजार 998 रुपये जुर्माना

रोहतक का मेडिकल कॉलेज, मिल्क प्लांट रोहतक, आकाशवाणी रोहतक, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार तथा कुरूक्षेत्र  विश्वविद्यालय उन्हीं के प्रयासों की दिन है।योजना आयोग के सदस्य के रूप में रोहतक से रेवाड़ी रेलवे लाइन लाने का श्रेय उन्ही को है।वहीं गांव गांव में स्कूल व टेलीफोन की व्यवस्था करके हरियाणा को सुविधायुक्त बनाने का पुण्यकार्य उनकी देन है।वे हरियाणा निर्माण से लेकर विकसित हरियाणा बनने तक अग्रणी हस्ताक्षर रहे हैं। उन्होंने हरियाणा लोक समिति से लेकर हरियाणा रक्षावाहिनी से हरियाणा के आम जनता की आवाज को बुलंद किया। वे सच्चे अर्थों में आम जनता के प्रतिनिधि थे। वे सरदार पटेल, लाल बहादुर शास्त्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू, चौधरी देवीलाल की तरह एक प्रेरणा पुंज थे। स्वामी विवेकानंद की तरह युवाओं की प्रेरणा के बहुत बड़े केंद्र थे। उन्होंने युवाओं व भावी पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर भारत को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

गुरुकुल झज्जर के आचार्य विजय पाल ने कहा कि हरियाणा की राजनीतिक के वे निष्कलंक हस्ताक्षर थे। स्वामी ओमानंद और प्रोफेसर शेर सिंह ने आर्य समाज को घर-घर पहुंचने का काम किया। रोहतक जिले  और हरियाणा में शराबबंदी लागू करवाने में प्रोफेसर शेर सिंह के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। प्रोफेसर शेर सिंह और स्वामी ओमानंद सरस्वती एक दूसरे के पर्याय रहे हैं।इन दोनों की जोड़ी ने हरियाणा को व देश की राजनीति को एक सही दिशा दी है। वे राजनीति के कीचड़ में एक शुद्ध कमल थे।स्मृति स्थल भावी पीढी को प्रेरित करने का ऐतिहासिक स्थान होगा।

सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है आयोग: चेयरमैन ईश्वर सिंह

अमेरिका की यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रहे डॉक्टर बलबीर सिहागने कहा कि प्रोफेसर शेर सिंह एक बहुत बड़ी वह  वैदिक विचारधारा का साम्राज्य छोड़कर चले गए, जिन पर विश्वविद्यालयों में शोध कार्य हो सकता है तथा वे भावी पीढ़ी के लिए एक मार्गदर्शक सिद्धांत का काम कर सकते हैं। वही कादयान खाप के प्रधान राजपाल कादयान ने कहा कि प्रोफेसर शेर सिंह ने खाप पंचायत के जरिए समाज की बड़ी सेवा की। उन्होंने 1952 व 1984 में बेरी में सर्वखाप का पंचायत आयोजित करके नशाबंदी और शादी ब्याह की फिजूल खर्ची पर रोग लगा करके समाज की सेवा करने का काम किया।वहीं खाप पंचायतों के माध्यम से उन्होंने हिंदी आंदोलन को घर-घर तक पहुंचाया और हरियाणा की समय-समय पर रक्षा की। वक्ताओं की तरफ से बाघपुर के खेल स्टेडियम और स्कूल का नाम प्रोफेसर शेर सिंह के के नाम पर रखने का प्रस्तव सर्वसम्मति से पारित किया गया। वही 1 नवंबर को प्रोफेसर शेर सिंह दिवस के रूप में मनाने का प्रस्ताव भी सर्व संपत्ति से पारित हु  रोहतक और झज्जर की बड़ी-बड़ी संस्थाओं का नाम भी प्रोफेसर शेर सिंह के नाम पर होनी चाहिए। प्रोफेसर शेर सिंह के हरियाणा के विधानसभा में उनकी आत्म कथा मूर्ति स्थापित की जाए तथा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर शेर सिंह शोधपीठ स्थापित की जाए। मार्केट कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र  शर्मा ने प्रोफेसर शेर सिंह के नाम पर खेल स्टेडियम बनाने के लिए सरकार की में  करने का आश्वासन दिया।इस मौके पर प्रोफेसर शेर सिंह के विचारधारा के सैकड़ो वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इस मौके पर प्रोफ शेर सिंह जी की बेटी डॉ नीलम सिहाग, डॉक्टर जगबीर सिंह, राकेश प्रजापति सरपंच बाघपुर व अन्य गणमान्य जन, उपस्थित रहे। विक्रम कादयान ने युवाओं को  प्रोफेसर शेर सिंह के दिखाएं मार्ग पर चलने का आह्वान किया तथा सभी का वहां पधारने पर आभार व्यक्त किया। प्रोफेसर शेर सिंह के राजनीतिक व सामाजिक संस्मरणों को याद किया गया।वहीं दूबलधन कॉलेज को बनाने व सरकारी करवाने में प्रोफेसर शेर सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

जिले में उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता, पारदर्शी वितरण व्यवस्था, मांग संकलन एवं कालाबाजारी रोकने हेतु विशेष निगरानी अभियान

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

The ADC imposed a fine of ₹44,998 in two cases of food adulteration.

एडीसी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के दो मामलों में लगाया 44 हजार 998 रुपये जुर्माना

सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है आयोग: चेयरमैन ईश्वर सिंह

जिले में उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता, पारदर्शी वितरण व्यवस्था, मांग संकलन एवं कालाबाजारी रोकने हेतु विशेष निगरानी अभियान

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आईटीआई में दो दिवसीय योग कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बहादुरगढ़ में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू

प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री एवं पॉलीथिन का उपयोग पर 3500 रूपए के काटे पांच चालान

Leave a Comment