डयूटी करते संक्रमित होने के बाद कोरोना को मात देकर फिर सैंपलिंग कार्य में जुटी स्वास्थ्यकर्मी

By Sahab Ram
On: May 27, 2021 1:33 PM
Follow Us:

डयूटी करते संक्रमित होने के बाद कोरोना को मात देकर फिर सैंपलिंग कार्य में जुटी स्वास्थ्यकर्मी

  • डयूटी करते संक्रमित होने के बाद कोरोना को मात देकर फिर सैंपलिंग कार्य में जुटी स्वास्थ्यकर्मी
  • अब तक ले चुकी हैं कोरोना के पांच हजार से ज्यादा सैंपल
  • परिवार के पांच सदस्य कोरोना पाजिटिव होने के बावजूद रखा हौंसला

रेवाडी, 27 मई। जिला में कोरोना संक्रमण से नागरिकों को बचाने की दिशा में कार्य कर रहे विभिन्न विभागों के अधिकारी उपायुक्त यशेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए रेवाडी को कोरोना मुक्त बनाने की दिशा में अग्रसर हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग का प्रत्येक कर्मचारी भी बखूबी से डयूटी निभा रहे है। नर्सिंग स्टाफ की बात कि जाए तो नाहड़ सीएसची में कार्यरत स्टाफ नर्स नमिता रानी खुद और उनके परिवार के पांच सदस्य कोरोना पाजिटिव होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और सभी ने कोरोना को हराया। नाहड सीएचसी में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत नमिता खुद लोगों के कोरोना टैस्ट करते हुए पाजिटिव हो गई, मगर उन्होंने धैर्य रखते हुए 14 दिन आईसोलेट होते हुुए इलाज लिया और फिर दोबारा से सैंपलिंग कार्य में जुट गई हैं।

हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा की

  नाहड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले पांच वर्ष से स्टाफ नर्स के पद पर तैनात नमिता अपने काम को प्रधान मानती हैं, वे कहती हैं कि उन्हें अपनी डयूटी के रूप में जनसेवा का मौका मिला है, यह अपने आप में बड़ी बात है। नमिता ने बताया कि वो गत वर्ष से जिला रेवाडी में कोरोना की दस्तक के बाद से ही उनकी डयूटी कोरोना सैंपलिंग में लगी हुई है, वो अब तक लगभग पांच हजार लोगों के सैंपल ले चुकी हैं। इस बार कोरोना की लहर ज्यादा खतरनाक है। वे बताती हैं कि गत 26 अप्रैल को अपनी डयूटी करके घर गई तो अचानक उनका तबीयत बिगड गई और जुकाम, खांसी के साथ बुखार आ गया। उन्होंने अगले दिन जब रैपिड टैस्ट कराया तो वे पोजिटिव पाई गईं। उन्होंने हौंसला नहीं खोया और अपने घर आईसोलेट हो गई। दो दिन बाद उनकी बेटी जिया और बेटा क्रिश का टैस्ट किया गया तो वे भी पाजिटिव निकले। उन्होंने बताया कि उनका दस सदस्यों का संयुक्त परिवार है, ऐसे में उनकी बहन और दो बच्चे रहते हैं, वे भी पाजिटिव हो गए। परिवार में छह सदस्य कोरोना पाजिटिव होने के बाद भी उन्होंने धैर्य रखा और सभी एक जगह आईसोलेट हो गए।

नमिता कहती हैं कि उनके पति वीरेंद्र सिंह भी स्वास्थ्य संस्थान में काम करते हैं और आईसोलेशन वार्ड में तैनात हैं, लेकिन उन्होंने अपने पति को डयूटी पर जाने से नहीं रोका। उन्होंने परिवार के सभी पांच सदस्यों को सही उपचार दिया और वे स्वयं भी उपचार लेकर स्वस्थ हो गई। उन्होंने बताया कि उन्होंने दस दिन बाद ही 6 मई को दो बारा से नाहड सीएचसी में डयूटी ज्वाईन कर ली। उनका एक ही मकसद है कि किसी तरह कोरोना को हराकर लोगों को सुखद अहसास कराया जाए।

एडीसी ने समाधान शिविर में सुनीं 16 जनसमस्याएं, समाधान के दिए निर्देश

  इस संदर्भ में सीएचसी नाहड के एसएमओ डा सुरेंद्र यादव कहते हैं कि कोविड प्रभारी डा राजीव लखेरा,डा प्रीति,स्टाफ नर्स नमिता से लेकर प्रत्येक स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। नर्सिंग स्टाफ दिन रात संक्रमितों के बीच रहते हुए भी अपने आपको संक्रमण से दूर रखना बड़ी उपलब्धि है। लेकिन फिर भी कोरोना गाइडलाइन का पालन करने के साथ सकारात्मक सोच और कर्तव्य निष्ठïा ही कोविड संक्रमण से बचाव किए हुए हैं। अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ सौम्य व्यवहार संक्रमितों में नई ऊर्जा का संचार पैदा करता है।

नागरिक अस्पताल में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment