मृत व्यक्ति का फर्स्ट एड प्रमाण पत्र जारी करने का मामला , एसडीएम 7 दिनों में करेंगे जाँच

By Sahab Ram
On: June 25, 2021 1:01 PM
Follow Us:

मृत व्यक्ति का फर्स्ट एड प्रमाण पत्र जारी करने का मामला , एसडीएम 7 दिनों में करेंगे जाँच

मृत व्यक्ति का फर्स्ट एड प्रमाण पत्र जारी करने का मामला , एसडीएम 7 दिनों में करेंगे जाँच |

अन्य राज्यों की एस.सी.(S.C.) महिला को हरियाणा के नॉन-एस.सी. पुरुष से विवाह करने पर  न.नि. चुनाव  में आरक्षण का लाभ नहीं 

रेवाड़ी में रेडक्रोस सोसाइटी का एक ऐसा कारनामा सामने आया है जहाँ मृत व्यक्ति का फर्स्ट एड सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया. हरियाणा रेडक्रोस सोसाइटी सीएसआर सब कमेटी के सदस्य एडवोकेट सुनील भार्गव ने इस मामले में जिला उपायुक्त से लेकर राज्यपाल और प्रधानमंत्री को शिकायत भेजकर कार्रवाई करने की मांग की है. इस बारे में रेडक्रोस सोसाइटी के सचिव का कहना है कि उनके पास वेरिफिकेशन का कोई प्रावधान नहीं है. यानी कोई भी किसी का आधार नम्बर देकर फर्स्टएड सर्टिफिकेट बनवा सकता है .

आपको बता दें कि ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए रेडक्रोस से फर्स्ट एड सर्टिफिकेट बनवाना अनिवार्य है. जिसके लिए 300 रूपए कि रसीद काटकर एक दिन की ट्रेनिंग डी जाती है और फिर फर्स्ट एड सर्टिफिकेट जारी किया जाता है . लेकिन हकीकत में ऐसा हो नहीं रहा है . ये हम नहीं बल्कि हरियाणा रेडक्रोस सोसाइटी सीएसआर सब कमेटी के सदस्य एडवोकेट सुनील भार्गव कह रहे है . जिनका कहना है कि उनके सामने दो ऐसे लोगों के फर्स्ट एड सर्टिफिकेट सामने आये ..जो इस दुनिया में ही नहीं रहे ..लेकिन रेडक्रोस ने उनके सर्टिफिकेट जारी कर दिए. एडवोकेट सुनील भार्गव ने कहा कि उन्होंने इस ममाले में वास्तिवकता जानने के लिए एक मृत व्यक्ति का आधार कार्ड के जरिये फर्स्ट सर्टिफिकेट बनवाने के लिए भेजा ..और 300 की बजाए एक हजार रूपए लेकर रेडक्रोस ने सर्टिफिकेट जारी भी कर दिया. जिससे साफ़ हो गया कि रेड्क्रोस में फर्जीवाडा चल रहा है. जिसके आधार एडवोकेट  सुनील भार्गव ने जिला उपायुक्त , मुख्यमंत्री , राज्यपाल और प्रधानमंत्री को शिकायत भेजी है .

नशा मुक्त अभियान की रथ यात्रा को विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने झण्ड़ी दिखाकर किया रवाना

इस बारे में जब हम जिला रेडक्रोस सोसाइटी के सचिव से जवाब जानने पहुँचे ..तो हैरान करने वाली बात ये सामने आई कि यहाँ वेरिफिकेशन का कोई सिस्टम ही नहीं है …यानी कोई किसी का आधार नम्बर लेकर आयें और फर्स्ट एड सर्टिफिकेट बनाकर ले जायें ..उससे रेडक्रोस को कोई मतलब नहीं है. रेडक्रोस सचिव के मुताबिक आधार कार्ड के आधार पर सुबह फर्स्ट एड सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया जाता है.. जिसके बाद लंच से पहले और बाद में आवेदनकर्ता को ट्रेनिंग दी जाती है .फिर शाम को सर्टिफिकेट जारी किया जाता है. ऐसे में आधार कार्ड पेश करके आवेदन करने वाला और ट्रेनिंग लेने वाला शख्स कौन है उससे रेड कोर्स का कोई वास्ता नहीं है. रेड्क्रोस सचिव ने वाजिद अली ने कहा कि आधार कार्ड पर लगी फोटो को देकर किसी व्यक्ति कि पहचना नहीं की जा सकती है. और जो नम्बर आवेदन कर्ता लिख रहा है उसकी जाँच भी नहीं कि जाती है. सरकार कि तरफ से ये पूरा प्रोसेस ऑनलाइन किया हुआ है ..लेकिन यहाँ मन्युवल किया जाता है. जिसपर जिला रेडक्रोस सचिव का अपना तर्क है . रेडक्रोस का कहना है कि आवेदनकर्ता कि पहचान कि जायें उसके लिए अब इंतजाम किये जा रहे है .

डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा है कि  जिला रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा फस्र्ट एड प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़े के बारे में मिली शिकायत पर एसडीएम रेवाड़ी को एक सप्ताह के अंदर मामले की निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। जांच में यह पता चलेगा कि इस शिकायत में क्या-क्या सच्चाई है। जांच की रिपोर्ट मिलने पर दोषी के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वायु प्रदूषण रोकने के लिए उपायुक्तों के साथ की चर्चा

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment