आईडीएफसी व एयू स्मॉल बैंक मामले में नायब सरकार का सख्त एक्शन

By Sahab Ram
On: April 25, 2026 1:00 PM
Follow Us:

चंडीगढ़, 24 अप्रैल- हरियाणा सरकार ने एक बड़े वित्तीय मामले पर सख्त कार्रवाई करते हुए विकास एवं पंचायत विभाग के अधीक्षक नरेश भुवानी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई आपराधिक साजिश की विस्तृत जांच और ठोस साक्ष्यों के सामने आने के बाद संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के प्रावधानों के तहत की गई है।

यह निर्णय सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस की नीति के तहत लिया गया है। इस मामले पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सख्त निर्देश ‌दिए थे कि किसी भी स्तर पर किसी भी प्रकार से भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा और दोषी किसी भी स्तर का हो, उस पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पंचायती राज रिक्त पद उप चुनाव, सरपंच पद के लिए दो, पंच पद के लिए एक सीट पर होगा मतदान

सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि निदेशक, विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा फरवरी 2026 में गठित एक जांच समिति ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (AU Small Finance Bank) में संचालित खातों में गड़बड़ियों और अनियमितताओं का खुलासा किया था। समिति की रिपोर्ट और सहायक दस्तावेजों के आधार पर यह मामला आपराधिक जांच के लिए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) को सौंपा गया।

इसके बाद 23 फरवरी 2026 को पंचकूला स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाने में एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान सामने आया कि यह मामला एक संगठित, बहु-स्तरीय वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें सरकारी धन को फर्जी बैंकिंग लेनदेन के जरिए ‘शेल कंपनियों’ में ट्रांसफर किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में सुना

जांच में यह भी उजागर हुआ कि नरेश भुवानी ने निजी व्यक्तियों और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर एक फर्जी फर्म बनाई, जिसका उपयोग सरकारी धन की हेराफेरी के लिए किया गया। इस फर्म के खातों से करोड़ों रुपये की राशि उनके निजी खातों में ट्रांसफर की गई, जिनका उपयोग निजी संपत्तियां खरीदने में किया गया।

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, नरेश भुवानी को अलग-अलग तिथियों में कुल लगभग 6.45 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई। इसके अलावा, उसने कई मौकों पर नकद राशि भी स्वीकार की। 6 अप्रैल 2026 को गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में नरेश भुवानी ने बैंक खातों के संचालन और लेन-देन में अपनी भूमिका स्वीकार की। जांच से यह स्पष्ट हुआ कि वह इस संगठित साजिश का एक अहम हिस्सा था और सह-आरोपियों, बैंक अधिकारियों तथा निजी व्यक्तियों के बीच कड़ी के रूप में काम कर रहा था।

1857 के शहीदों को मिलेगा सम्मान, अंबाला में निर्मित आजादी की पहली लडाई के शहीद स्मारक का उद्घाटन होगा जल्द- ऊर्जा मंत्री अनिल विज

प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने यह पाया कि इस मामले में गवाहों को प्रभावित करने, साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने और जांच को प्रभावित करने की आशंका प्रबल है। हाल ही में, राज्य सरकार ने विस्तृत जांच के लिए यह मामला सीबीआई को सौंप दिया है। इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) के प्रावधानों के तहत, नरेश भुवानी को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है।

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

पंचायती राज रिक्त पद उप चुनाव, सरपंच पद के लिए दो, पंच पद के लिए एक सीट पर होगा मतदान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में सुना

1857 के शहीदों को मिलेगा सम्मान, अंबाला में निर्मित आजादी की पहली लडाई के शहीद स्मारक का उद्घाटन होगा जल्द- ऊर्जा मंत्री अनिल विज

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए

नामांकन के दौरान निकाला भव्य रोड शो, जगह-जगह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली का हुआ स्वागत

भजन पार्टी ने ग्रामीणों को स्व-गणना अभियान व जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति किया जागरूक

Leave a Comment