सिरसा, 26 जुलाई।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मेरा युवा भारत, युवा एवं खेल मंत्रालय के तत्वावधान में विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम (वीवीवीपी) के तहत देशभर के 250 जिलों के युवाओं से संवाद करते हुए विचार सांझा किए। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सिरसा के लघु सचिवालय के वीडियो कॉफ्रेंसिंग कक्ष में सीधा प्रसारण दिखाया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल, डीआईओ एनआईसी हरीश, माई भारत संगठन के जिला युवा अधिकारी धनपत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में सिरसा से विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के चमोली जिले के गजकोट, माणा और बामणी गांवों का भ्रमण करने वाली कालांवाली की खुशबु ने भी हिस्सा लिया।
आईटीबीपी कैंप से लेकर स्थानीय संस्कृति तक, विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम ने दिया नया अनुभव : खुशबू
कार्यक्रम के उपरांत कालांवाली निवासी खुशबू ने भी विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत अपने अनुभव साझा किए। खुशबू ने तीन जून से आयोजित सात दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम में उत्तराखंड के चमोली जिले के गजकोट, माणा और बामणी गांवों का दौरा किया। खुशबू ने बताया कि यह यात्रा उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रही। उन्हें उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों की संस्कृति, परंपराओं, रहन-सहन, खान-पान, रोजगार के साधनों और ग्राम पंचायतों की कार्यप्रणाली को करीब से जानने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने पूरे भ्रमण के दौरान उनका मार्गदर्शन किया। उन्हें आईटीबीपी कैंप का भ्रमण कराने के साथ-साथ जवानों की कार्यशैली, प्रशिक्षण और सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा ट्रैकिंग, स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि सीमांत गांवों के लोगों ने जिस आत्मीयता और अपनत्व से उनका स्वागत किया, वह हमेशा याद रहेगा। इस यात्रा ने उन्हें भारत की विविध संस्कृति और एकता को करीब से समझने का अवसर दिया। खुशबू ने जिले के युवाओं से आह्वान किया कि वे भी माई भारत अभियान से जुडक़र ऐसे अवसरों का लाभ उठाएं, क्योंकि इससे देश को समझने और नए अनुभव प्राप्त करने का अनूठा अवसर मिलता है।





