सिरसा, 24 अप्रैल।
अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल की अध्यक्षता में शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना-2 के तहत समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में योजना के तहत आए आवेदनों की समीक्षा करते हुए उनके जल्द निपटान करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पोर्टल अनुसार नौ आवेदनों की समीक्षा की गई जिसमें से छह को स्वीकृति प्रदान करते हुए लाभार्थियों को जल्द सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला स्तरीय समिति के सदस्य व लाभार्थी भी मौजूद रहे।
एडीसी अर्पित संगल ने कहा कि इस योजना के तहत आवारा पशुओं जैसे कि गाय, सांड, बेल, भैंस, नीलगाय तथा कुत्तों के हमले या अथवा या उनसे हुई दुर्घटनाओं में मृत्यु चोट अथवा दिव्यांगता की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के अंतर्गत मृत्यु अथवा 70 प्रतिशत या उससे अधिक स्थायी पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में पात्र परिवार को अधिकतम 5 लाख तक की सहायता राशि दी जाती है जबकि 70 प्रतिशत से कम आंशिक दिव्यांगता के मामले में दिव्यांगता के प्रतिशत के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जाता है और कुत्ते के काटने से हुई चोट के मामलों में भी निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता का प्रावधान है। कुत्ते के काटने की स्थिति में, डॉक्टरों के लिए उपचार पर्ची पर दांतों की संख्या और घाव की गंभीरता का उल्लेख करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि इस स्कीम के तहत एफआईआर में घटना का पूरा विवरण कब, कहां, कैसे घटना हुई पुलिस द्वारा दर्ज किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं बोर्ड द्वारा जारी रिपोर्ट का होना अत्यंत आवश्यक है स्कीम से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए आप किसी भी कार्यदिवस को लघु सचिवालय स्थित जिला सांख्यिकी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जो परिवार पहचान पत्र में पंजीकृत हो, जिनके साथ घटना हरियाणा राज्य की सीमा में घटित हुई हो तथा दुर्घटना या हमला आवारा पशु या जानवर के कारण हुआ हो। इसके साथ ही दावा घटना की तिथि से 90 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि प्राप्त दावों की जांच एवं स्वीकृति जिला स्तरीय समिति द्वारा की जाती है, ताकि सभी मामलों का निपटान समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से किया जा सके। उन्होंने आमजन से अपील की है कि इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाए, जिससे जरूरतमंद और प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।





