फरीदाबाद, 12 मई।
उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि जिला फरीदाबाद में पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से 11वें चरण के संयुक्त टीकाकरण अभियान का शुभारंभ 11 मई 2026 से किया गया है। इस अभियान के अंतर्गत जिले में 1 लाख से अधिक गायों एवं भैंसों का घर-घर जाकर निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा।
डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग की पशु चिकित्सकीय टीमें प्रत्येक गांव में पहुंचकर पशुपालकों के घरों पर ही गाय एवं भैंसों का निःशुल्क टीकाकरण करेंगी। इसके साथ-साथ पशुओं की टैगिंग तथा भारत पशुधन मोबाइल एप्लीकेशन पर आवश्यक डाटा अपलोड करने का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए पशुपालकों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग फरीदाबाद के उप निदेशक डॉ. विरेंद्र सिंह राठी ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा पशुओं को मुंह खुरपका (FMD) एवं गलघोटू (HS) जैसे गंभीर संक्रामक रोगों से बचाने के लिए राज्यभर में व्यापक स्तर पर संयुक्त टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने सभी पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं, ताकि उन्हें मुंह खुरपका एवं गलघोटू जैसी बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने बताया कि भारत पशुधन पोर्टल हेतु आवश्यक जानकारी मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी (OTP) के माध्यम से सत्यापित की जाएगी, इसलिए पशुपालक टीकाकरण टीम को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
डॉ. राठी ने बताया कि गर्मी के मौसम में पशुओं में तनाव बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी पशु टीकाकरण से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पशुधन बीमा योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत सामान्य वर्ग के पशुपालक मात्र 250 रुपये वार्षिक प्रीमियम देकर अपने पशु का 60 हजार रुपये तक का बीमा करवा सकते हैं, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग के पशुपालकों के लिए यह सुविधा पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है।
उन्होंने आगे बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा डेयरी लोन योजना भी प्रारंभ की जा रही है, जिसके तहत पशुपालक सरल पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। साथ ही उन्होंने पशुपालकों से अपने पशुओं का बीमा करवाने की भी अपील की, ताकि किसी आकस्मिक घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि यह अभियान मई माह से प्रारंभ होकर जून माह तक चलाया जाएगा तथा इस अवधि में जिले में 1 लाख से अधिक पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।











