सिरसा। प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा ने कहा कि सिरसा नगर परिषद में सफाई व्यवस्था के नाम पर बड़ा घपला हो रहा है, और सरकार मूक दर्शक बनी हुई है। जारी बयान में उन्होंने कहा कि नगर परिषद द्वारा शहर के 32 वार्डों में कुल 238 सफाई कर्मचारियों के कार्यरत होने का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। शर्मा ने कहा कि हकीकत में 150 कर्मचारी भी नियमित रूप से सफाई कार्य करते दिखाई नहीं देते। राजकुमार शर्मा ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार और नगर परिषद प्रशासन वास्तव में पारदर्शिता लाना चाहते हैं तो परिषद द्वारा रिकॉर्ड में दर्शाए गए सभी 238 सफाई कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक की जाए। इसके साथ ही उनके नाम, मोबाइल नंबर तथा उन्हें आवंटित वार्डों की जानकारी भी जनता के सामने रखी जानी चाहिए। ऐसा होने पर पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी और यह स्पष्ट हो जाएगा कि वास्तव में कितने कर्मचारी सफाई कार्य कर रहे हैं और कितने केवल कागजों में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि हकीकत है कि वर्ष 1996 के बाद सफाई कर्मचारियों की पक्की भर्ती नहीं हुई है। सिर्फ 190 पक्के कर्मचारी ही कार्य कर रहे हैं, जबकि इतने सालों में शहर काफी फैल चुका है। शर्मा ने कहा कि पक्की भर्ती करने की बजाय इन कर्मचारियों का जमकर शोषण किया जा रहा है। नगर परिषद में फर्जी सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज कराकर उनकी तनख्वाह सरकारी खजाने से निकाली जा रही है। इस पूरे खेल में नप के कुछ अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत से जनता के टैक्स के पैसा हजम किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि सफाई व्यवस्था के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन शहर के कई इलाकों में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि रिकॉर्ड और वास्तविकता में बड़ा अंतर है।
प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके उलट स्थिति दिखाई देती है। शर्मा ने कहा कि हैरानी की बात है कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार के अनेक मामले उजागर होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। अधिकतर मामलों में केवल नोटिस जारी करने या चार्जशीट देने तक ही कार्रवाई सीमित रही, जिसके बाद वे फिर से अपने पद पर कार्य करते हुए नजर आते हैं।
राजकुमार शर्मा ने कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही समाप्त होती जा रही है और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा जनता की सुविधाओं पर खर्च होने के बजाय भ्रष्टाचारियों की जेबों में जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, उपस्थिति और वेतन भुगतान से जुड़े सभी रिकॉर्ड की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के हितों से जुड़े इस मुद्दे को लगातार उठाती रहेगी।शर्मा ने कहा कि यदि समय रहते इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जनता का प्रशासन और सरकार पर से विश्वास पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।





