भिवानी, 30 जून। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा खरीफ फसल सीजन के दौरान किसानों को उचित मूल्य के साथ समय पर उर्वरक उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जिले में व्यापक निगरानी एवं नियंत्रण व्यवस्था लागू की गई है। जिले में वर्तमान समय में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी एवं अन्य प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा आगामी मांग को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त आपूर्ति भी नियमित रूप से प्राप्त की जा रही है। जिले में उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता, पारदर्शी वितरण व्यवस्था, मांग संकलन एवं कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. विनोद फोगाट ने बताया कि जिले में उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि यूरिया अथवा डीएपी उर्वरक की आवश्यकता पर तत्काल डीएम हैफड को मांग भेजना सुनिश्चित करें, ताकि जरूरत के अनुरूप समय पर आपूर्ति की जा सके। जीएम कॉपरेटिव बैंक एवं एआरसीएस को भी सभी पीएसीएस से समन्वय स्थापित कर वास्तविक आवश्यकता के अनुसार उर्वरक मांग तत्काल भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।
उप निदेशक ने किसानों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक खरीदें। अनावश्यक भंडारण से अन्य किसानों को असुविधा हो सकती है। उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी तथा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने जैसी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने सभी थोक एवं खुदरा विक्रेताओं की नियमित जांच के निर्देश जारी किए हैं। यदि कोई विक्रेता निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निलंबन अथवा रद्द करने जैसी कार्रवाई भी शामिल है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उर्वरकों की मांग एवं खपत पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। जिन क्षेत्रों में असामान्य मांग अथवा बिक्री की सूचना प्राप्त होगी, वहां विशेष निरीक्षण दल भेजे जाएंगे तथा स्टॉक एवं बिक्री अभिलेखों की गहन जांच की जाएगी।
उप निदेशक ने बताया कि उर्वरकों के गैर-कृषि एवं औद्योगिक उपयोग को रोकने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि कृषि उपयोग हेतु उपलब्ध उर्वरकों का किसी अन्य उद्देश्य के लिए दुरुपयोग न हो। किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा विशेष परामर्श कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है, जिससे उत्पादन लागत कम हो तथा भूमि की उर्वरता दीर्घकाल तक बनी रहे।
उन्होंने सभी एसडीएओ को नियमित निरीक्षण कर प्रतिदिन निरीक्षण रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही एक अप्रैल 2026 से अब तक प्राप्त एवं वितरित उर्वरकों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि स्टॉक, बिक्री एवं वितरण संबंधी किसी भी प्रकार की विसंगति का समय रहते पता लगाया जा सके।
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कृषि विभाग द्वारा किसान को उर्वरक उपलब्धता, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा अन्य किसी अनियमितता की जानकारी प्राप्त होती है तो तुरंत विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर सकता है। उन्होंने बताया कि किसान शिकायत एवं सहायता के लिए भिवानी के क्यूसीआई सुरेन्द्र कुमार के मोबाइल नंबर 9466746306 व एसडीएओ संजय कुमार –8950488352, लोहारू के एसडीएओ ईश्वर सिंह – 9050963170 तथा सिवानी के एसडीएओ सुभाष चंद्र के मो. नंबर 9466246934 पर संपर्क करें।











