सिरसा, 30 जुलाई।
माई भारत संगठन द्वारा नशा मुक्त युवा, विकसित भारत अभियान के तहत गुरुवार को द सिरसा स्कूल में जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान माई भारत अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय संगीत, नृत्य, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला, वाद-विवाद, स्लोगन एवं कविता प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समापन अवसर पर निर्णायक मंडल द्वारा घोषित विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार तथा पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर माई भारत के जिला युवा अधिकारी धनपत सिंह, ब्रह्माकुमारी संस्थान से बहन बिंदू, द सिरसा स्कूल की प्राचार्या मनीषा गोदारा तथा विवेकानंद स्कूल के प्राचार्य राम सिंह सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के शिक्षक, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी उपस्थित लोगों को स्वयं नशा न करने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई।
सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं और देश का भविष्य उनके चरित्र, संस्कार तथा सकारात्मक सोच पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि नशा युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और सपनों को नष्ट कर देता है, इसलिए प्रत्येक युवा को इस बुराई से स्वयं दूर रहकर समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा, खेल, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक सेवा जैसे रचनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी ही उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचा सकती है।
सिरसा पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने कहा कि यदि विद्यार्थी जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ेंगे तो कोई भी बाधा उन्हें सफलता प्राप्त करने से नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कुसंगति तथा ’’मैं नहीं कर सकता’’ जैसी नकारात्मक सोच को छोडकऱ सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ निरंतर मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व की प्रत्येक महान शख्सियत के जीवन में संघर्ष, लक्ष्य के प्रति समर्पण और कठिन परिस्थितियों से लडऩे का साहस दिखाई देता है।
उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि यदि समाज को नशामुक्त बनाना है तो इसकी शुरुआत स्वयं युवाओं को करनी होगी। उन्होंने कहा कि जब युवा नशे के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएंगे और समाज को जागरूक करेंगे, तभी विकसित भारत का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को प्रभावित करता है। नशे की लत युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और भविष्य को समाप्त कर देती है। इसलिए प्रत्येक युवा का दायित्व है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे तथा अपने मित्रों, परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करे।
माई भारत के जिला युवा अधिकारी धनपत सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने अपनी आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। लोकगीत, नृत्य तथा सामाजिक संदेश पर आधारित लघु नाटिकाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
नशा मुक्त भारत के निर्माण में युवा निभाएं अग्रणी भूमिका: सीडीएलयू कुलगुरु विजय कुमार





