बिजली बिलों से फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (एफएसए) पूरी तरह से खत्म करे बीजेपी सरकार: प्रो. संपत सिंह

By Sahab Ram
On: May 1, 2026 5:12 PM
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चंडीगढ़, 1 मई। हरियाणा के पूर्व बिजली एवं वित्त मंत्री एवं इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय संरक्षक प्रो. संपत सिंह ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित इनेलो मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर बीजेपी सरकार पर बड़ा आरोप जड़ते हुए कहा कि बीजेपी सरकार लगातार बिजली के बिलों में बढ़ोतरी करके प्रदेश की जनता को लूट रही है। 47 पैसे प्रति यूनिट सरचार्ज पहले ही लगा रखा है।

अब एक बार फिर से बिजली वितरण कंपनियों ने एचईआरसी में अतिरिक्त चार्ज लगाने की मांग की है। ये किसी भी रूप में उचित नहीं है। संपत सिंह ने बताया कि उन्होंने बिजली वितरण कंपनियों की वित्त वर्ष 2025-26 के लिए फ्यूल सरचार्ज (एफएसए)शुल्कों में रेगुलेशन 68 में छूट देकर अतिरिक्त चार्ज लगाने की मांग का कड़ा विरोध करते हुए वीरवार को एचईआरसी में एक याचिका दायर कर एफएसए को पूरी तरह से खारिज करने और नियमों के उल्लंघन के लिए वितरण लाइसेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। जिसकी जनसुनवाई 14 मई को होगी। उन्होंने कहा कि एक उपभोक्ता और पूर्व बिजली मंत्री होने के नाते वे बिजली वितरण कंपनियों की इस याचिका को कानूनी रूप से अवैध मानते हैं।

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यह याचिका हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग विनियमों और विद्युत अधिनियम 2003 के कई प्रावधानों का उल्लंघन करती है। एफएसए का उद्देश्य केवल ईंधन और बिजली खरीद लागत में वास्तविक उतार-चढ़ाव के लिए है, वह भी सख्त जांच के बाद। इसे बिजली वितरण कंपनियों के भ्रष्टाचार से उत्पन्न घाटों की भरपाई के लिए पीछे के दरवाजे के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। गंभीर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि नियम स्पष्ट रूप से निर्धारित करते हैं कि फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट समायोजन दो महीने की समय सीमा के भीतर किया जाना चाहिए। अन्यथा ऐसे खर्चों की वसूली का अधिकार समाप्त हो जाता है। पिछले उदाहरणों का उल्लेख करते हुए संपत सिंह ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट और विद्युत अपीलीय अधिकरण ने लगातार यह माना है कि ऐसे अधिकारों का उपयोग वैधानिक प्रावधानों को दरकिनार करने या टैरिफ आदेशों की अप्रत्यक्ष समीक्षा के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने अतिरिक्त शुल्कों के औचित्य पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अप्रभावी अल्पकालिक बिजली खरीद का खर्च उपभोक्ता क्यों वहन करें?। उपभोक्ता हित सर्वोपरि होना चाहिए। यदि ऐसे मनमाने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज शुल्कों को अनुमति दी जाती है पूरे टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया को अर्थहीन बना देगा। 

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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