सिरसा, 29 अप्रैल।
गर्मी के मौसम में पर्याप्त व स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की प्राथमिकता रहती है। अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि कहीं पर भी पेयजल की समस्या आती है, तो उसका तुरंत प्रभाव से समाधान करें।
ये निर्देश अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल ने मंगलवार को डबवाली उपमंडल के गांव मौजगढ में रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान स्कूल में पेयजल संबंधी शिकायत सुनने के दौरान उपस्थित अधिकारियों को दिए। रात्रि ठहराव कार्यक्रम में 55 से अधिक शिकायतें आई, जिनको अतिरिक्त उपायुक्त ने एक-एक कर सुना और अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। इससे पहले अतिरिक्त उपायुक्त ने हर घर-बेटी के नाम नेम प्लेट अभियान का शुभारंभ किया व स्कूल परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। ग्रामीणों ने परिवार पहचान पत्र, पक्का मकान बनाने, बिजली, पेयजल, रास्ता पक्का करने आदि शिकायतें रखी। इस अवसर पर डबवाली पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर, एसडीएम पारस भागोरिया, डीएसपी ललित कुमार, सरपंच प्रिंस बिश्नोई सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम में जो भी शिकायतें आई हैं, उनका प्राथमिकता से समाधान होगा। एक-एक शिकायत पर संबंधित अधिकारी अपनी रिपोर्ट देंगे और संबंधित आवेदनकर्ता से संपर्क कर उसे समस्या के समाधान बारे जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम का उदेश्य ग्रामीणों की समस्याओं को नजदीक से जानना व उनका त्वरित समाधान करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को चाहिए कि वे समाधान शिविर व रात्रि ठहराव में अपनी समस्या या शिकायत को रखें, ताकि उनका समाधान हो सके।
उन्होंने कहा कि गांव में हर घर बेटी के नाम नेम प्लेट मुहिम समाज में बेटियों के प्रति एक सकारात्मक संदेश देगी। इस तरह की पहल बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान को भी मजबूती देती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं व बेटियों के लिए अनेकों योजनाएं हैं, जिनका लाभ हर पात्र परिवार जरूर उठाएं। रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान विभागों की ओर से स्टालें भी लगाई गई, जहां पर ग्रामीणों को योजनाओं व उनके लाभ बारे व आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई।





