सिरसा। प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा ने कहा कि मानसून की पहली ही बारिश ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है। इस बारिश ने यह साबित कर दिया है कि शहर में जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था को सुधारने के नाम पर करोड़ों रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं। अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शर्मा ने कहा कि बारिश के कुछ ही घंटों में पूरा शहर टापू में तब्दील हो गया।मुख्य सड़कें और बाजार जलमग्न हो गए, जिससे दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बरसाती नालों और सीवरेज व्यवस्था की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर इसका कोई असर दिखाई नहीं देता। यदि अधिकारियों ने नेक नियति से नालों और सीवरेज लाइनों की उचित सफाई करवाई होती तो पहली बारिश में शहर का यह हाल नहीं होता। उन्होंने कहा कि शहर के विभिन्न इलाकों में सीवरेज सिस्टम जवाब दे गया और बरसाती पानी सड़कों पर जमा हो गया। प्रमुख मार्गों पर पानी भर जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। कई वाहन पानी में फंस गए और लोगों को अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। राजकुमार शर्मा ने कहा कि दुकानदारों के व्यापार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ा है, क्योंकि जलभराव के कारण ग्राहक बाजारों तक नहीं पहुंच सके। शर्मा ने स्टॉर्म वाटर फेस-वन परियोजना को पूरी तरह विफल करार देते हुए कहा कि इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम जनता को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अधिकारी और ठेकेदार मिलकर करोड़ों रुपया हजम कर गए। अगर परियोजना का काम ईमानदारी से किया होता तो शहर में इतना जलभराव ना होता। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि जब पहली ही बारिश में शहर की स्थिति इतनी खराब हो गई है तो यह स्पष्ट है कि परियोजना अपने उद्देश्य में पूरी तरह असफल रही है। राजकुमार शर्मा ने कहा कि अब स्टॉर्म वाटर फेस-दो परियोजना पर भी करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जिस तरह फेस-वन का परिणाम सामने आया है, उससे लोगों को इस नई परियोजना से भी कोई उम्मीद नहीं है। शर्मा ने कहा कि इस परियोजना के पैसे की भी बंदरबांट बड़े पैमाने पर हो रही है और इसे रोकने वाला कोई नहीं। परियोजना के नाम पर शहर की सड़कों को जगह-जगह से उखाड़ दिया गया है, जिससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। व्यापारिक गतिविधियां ठप हो रही हैं और लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। राजकुमार शर्मा ने कहा कि आज शहर का शायद ही कोई मुख्य बाजार या सड़क बची हो जहां जलभराव की समस्या न दिखाई दी हो। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि बरसाती नालों की सफाई, सीवरेज व्यवस्था और स्टॉर्म वाटर परियोजनाओं पर हुए खर्च की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए तथा दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनता अब जवाब चाहती है कि करोड़ों रुपये खर्च करने और बड़ी-बड़ी पाइप लाइनें बिछाने के बावजूद शहर को जलभराव की समस्या से आखिर क्यों नहीं बचाया जा सका।
पहली बारिश में डूबा सिरसा! करोड़ों की स्टॉर्म वाटर परियोजना पर कांग्रेस का बड़ा हमला





