जानकारी के लिए आपको बता दें कि रेवाड़ी जिले के बावल ब्लॉक के गांव आसरा का माजरा निवासी राजेंद्र सिंह ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में पंचायती राज मंत्री देवेन्द्र बबली को शिकायत देते हुए बताया था कि उनके घर के सामने की गली को बनवाने के लिए पंचायती राज विभाग ने जुलाई 2021 को 8 लाख 54000 की राशि जारी कर दी थी, लेकिन 8 माह बाद भी जेई और ग्राम सचिव ने ठेकेदार के साथ मिलीभगत करके गली को बनने नहीं दिया। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जेई और ग्राम सचिव टालमटोल करते रहे।
मुख्यालय से कई बार फोन कराने के बाद गली में रोड़े तो डाल दिए गए, परंतु इसके बाद काम बीच में ही रोक दिया गया। इसको लेकर जब जेई और ग्राम सचिव से बात की गई तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और कहा कि ठेकेदार उनका फोन नहीं उठा रहा है। गली निर्माण को लेकर एक्सईन से लेकर ठेकेदार तक कोई भी जवाब नहीं मिलने पर चारों तरफ से परेशान होने के बाद राजेंद्र सिंह ने शनिवार को 2 बजे चंडीगढ़ सचिवालय में ग्रामीण विकास व पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली को अपनी पीड़ा बताई।
तुरंत लिया गया संज्ञान
मंत्री देवेंद्र बबली ने तुरंत इस मामले में एक्शन लेते हुए उच्च अधिकारियों से जांच कराई जिसमें यह साफ हो गया कि समय पर गली की ग्रांट जारी होने के बावजूद जेई और ग्राम सचिव ने ठेकेदार के साथ मिलकर पूर्व सरपंच की मिलीभगत से गली बनाने के काम को बीच में ही छोड़ दिया। देवेंद्र बबली ने इस लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जेई धर्मेंद्र और ग्राम सचिव धर्मेंद्र को 4 घंटे के अंदर ही निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए। इसके अलावा गली का निर्माण बीच में छोड़ने वाले ठेकेदार को 5 साल के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया।





