रेवाड़ी: मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एवं पीएस सीआरआईडी डा. वी उमाशंकर ने आज प्रदेशभर में चल रहे परिवार पहचान पत्र के फेज-1 व फेज-2 बारे संबंधित जिला अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि इस कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग इस कार्य में तेजी लाते हुए इस कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करवाएं और पोर्टल पर भी डाटा को अपडेट करें। उन्होंने पोर्टल पर गांव, खंड व जाति, आय अनुसार डाटा अपडेट करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।
डा. उमाशंकर ने कहा कि जिन परिवारों का वेरिफिकेशन का कार्य पूरा हो चुका है, उसको पोर्टल पर भी दर्ज किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने पास उपलब्ध डाटा की सही जानकारी दर्ज की जाए। अगर टीम को किसी प्रकार की कोई दिक्कत है तो वे इस बारे में उच्च अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 8 अगस्त को चार जिला नामत: रेवाड़ी, गुरूग्राम, यमुनानगर व सिरसा की पीपीपी फेज-1 व फेज-2 से संबंधित समस्याओं को बारी-बारी से वीसी के माध्यम से हल किया जाएगा। उन्होंने संबंधित जिलों के अधिकारियों को समय पर वीसी में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
एसडीएम रविन्द्र यादव ने कहा कि परिवार पहचान पत्र के माध्यम से जरूरतमंद पात्र लोगों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। पहले जहां अलग-अलग योजनाओं एवं सेवाओं के लिए नागरिकों को अलग-अलग स्थानों एवं कार्यालयों में जाकर कागजात जमा करवाने पड़ते थे, परंतु अब परिवार पहचान पत्र के लागू हो जाने के बाद एक ही स्थान पर सभी कार्य होंगे और बार-बार कागजात जमा करवाने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों की अधिकतर सेवाओं व योजनाओं को परिवार पहचान पत्र द्वारा दी गई फैमिली आईडी से जोड़ा गया है। इनकम वेरिफिकेशन कार्य में लगी टीमें भी परिवार पहचान पत्र में आय का सत्यापन करते समय पूरे विवेक से कार्य करें और वास्तविक जानकारी ही पोर्टल पर दर्ज करें। उन्होंने कहा कि आय सत्यापन का कार्य सभी कर्मचारियों की सूझ-बूझ पर ही निर्भर करता है, इसलिए सभी कर्मचारी जिम्मेवारी के साथ इस कार्य को पूर्ण करें।





