पीएमएफएमई योजना से मिली नई उड़ान: गांव बणी की नामधारी बिस्किट बैकरी बनी महिलाओं के रोजगार का मजबूत आधार

By Sahab Ram
On: July 19, 2026 2:39 PM
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सिरसा, 19 जुलाई।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने सिरसा जिले के गांव बणी स्थित नामधारी बिस्किट बैकरी को नई पहचान दिलाई है। वर्ष 2021 में पीएमएफएमई योजना के तहत प्राप्त 15 लाख रुपये के ऋण से शुरू हुई यह इकाई आज ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण का सफल उदाहरण बन चुकी है। आधुनिक मशीनों की सहायता से संचालित यह बैकरी आज करीब 25 लाख रुपये का वार्षिक कारोबार कर रही है और स्थानीय महिलाओं को उनके गांव में ही सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध करा रही है।
गांव बणी के सैनपाल रोड स्थित नामधारी बिस्किट बैकरी के संचालक रिछपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में उन्होंने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम के अंतर्गत संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ उठाते हुए 15 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि से बिस्किट निर्माण के लिए आधुनिक मशीनें, आटा गूंथने की मशीन, बेकिंग मशीन, ट्रे, काउंटर तथा अन्य आवश्यक उपकरण खरीदे गए। नई तकनीक और आधुनिक संसाधनों के उपयोग से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई, जिससे कारोबार ने तेजी से विकास किया।
महिलाओं के लिए बना आत्मनिर्भरता का माध्यम
बैकरी का संचालन रिछपाल सिंह की पत्नी रमनदीप कौर संभाल रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बैकरी में सामान्य दिनों में 8 से 9 महिलाओं को नियमित रोजगार मिलता है, जबकि त्योहारों और अधिक मांग वाले सीजन में यह संख्या बढकऱ 10 से 12 तक पहुंच जाती है। महिलाएं आटा तैयार करने, बिस्किट बनाने, बेकिंग, पैकिंग और अन्य उत्पादन कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने गांव में ही रोजगार मिलने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने का अवसर भी मिला है।
रमनदीप कौर ने बताया कि बैकरी में रस, फैन, सामान्य ब्रेड, बर्गर ब्रेड, पावभाजी ब्रेड, चॉकलेट बिस्किट, शक्कर बिस्किट, मैंगो बिस्किट, नानखटाई, कोकोनेट बिस्किट, सूजी बिस्किट, आटा बिस्किट सहित अनेक प्रकार के बेकरी उत्पाद तैयार किए जाते हैं। गुणवत्ता और बेहतर स्वाद के कारण इन उत्पादों की स्थानीय बाजार में अच्छी मांग बनी हुई है।
सिरसा ही नहीं म्हारे पड़ोसियों की चाय में भी घोल रहे मिठास
रिछपाल सिंह स्वयं तैयार उत्पादों की सप्लाई करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब 50 किलोमीटर के दायरे में सिरसा जिले के संतनगर, जीवननगर, रानियां, चक्का, भुन्ना, रिसालियाखेड़ा, बिज्जूवाली, दरियावाला, सहारणी, नथौर, बचेर, बसीर, सादेवाला, केहरवाला और खारियां सहित अनेक गांवों में नियमित रूप से उत्पादों की आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा राजस्थान के टिब्बी और सुरेवाला क्षेत्र तक भी उनके उत्पाद पहुंच रहे हैं। लगभग 2,500 वर्ग फुट क्षेत्र में संचालित यह इकाई लगातार अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।
सरकारी योजना ने बदली कारोबार की दिशा
रिछपाल सिंह ने बताया कि आधुनिक मशीनरी और बेहतर उत्पादन क्षमता के कारण आज बैकरी का वार्षिक कारोबार लगभग 25 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत वित्तीय सहायता नहीं मिलती, तो इतने कम समय में इस स्तर का विकास संभव नहीं हो पाता।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने की पूरी प्रक्रिया के दौरान जिला एमएसएमई केंद्र एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर स्तर पर सहयोग किया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाकर ग्रामीण युवा और महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकते हैं तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जिले में योजना से बढ़ रहा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
उल्लेखनीय है कि सिरसा जिले में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत 125 ऋण स्वीकृत हो चुके हैं और 110 से अधिक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। इससे जिले में सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। गांव बणी की नामधारी बिस्कुट बैकरी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण उद्यमिता का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
2.50 करोड़ रुपये तक के ऋण और 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं उद्यमी
एमएसएमई के जिला प्रबंधक दिनेश कुमार ने बताया कि जिला में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत नए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने तथा पहले से संचालित इकाइयों के विस्तार के लिए बैंकों द्वारा अधिकतम 2.50 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। परियोजना लागत पर 35 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये है। योजना के क्रियान्वयन के लिए जिला एमएसएमई केंद्र, सिरसा को जिला स्तर पर नोडल एजेंसी बनाया गया है। योजना के तहत जिले में नूडल्स, चिप्स एवं पफ, बेकरी उत्पाद, मिठाई, आइसक्रीम, दुग्ध उत्पाद, राइस मिल, कोल्ड प्रेस ऑयल तथा आटा उद्योग जैसी अनेक खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं। सिरसा जिले का वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट उत्पाद दूध से बनने वाले उत्पाद हैं, जिसके अंतर्गत अब तक 15 इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उद्यमी कार्यालय जिला एमएसएमई केंद्र, सिरसा पहुंचकर व दूरभाष नंबर 01666-298104 पर संपर्क कर सकते हैं या पीएमएफएमई योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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