झज्जर, 14 जुलाई। डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि मानसून के दौरान वर्षा की प्रत्येक बूंद अमूल्य है। सभी नागरिक सरकार के “कैच द रेन” अभियान से जुड़कर वर्षा जल संचयन का संकल्प लें और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाएं। उन्होंने कहा कि जल है तो जीवन है और जल संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रत्येक संस्थानों में अपनाई जाए रेन हार्वेस्टिंग प्रणाली
डीसी ने कहा कि प्रत्येक घर, आवासीय सोसायटी, सरकारी एवं निजी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली को अपनाया जाए। इससे वर्षा जल का संरक्षण होगा और भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि उपयुक्त स्थानों पर रिचार्ज पिट एवं रिचार्ज शाफ्ट का निर्माण कराया जाए तथा अनुपयोगी बोरवेलों को आवश्यक तकनीकी सुधार के बाद भूजल रिचार्ज के लिए उपयोग में लाया जाए। इसके साथ ही बावड़ियों, कुओं तथा अन्य पारंपरिक जल संरचनाओं का संरक्षण एवं पुनर्जीवन किया जाए ताकि वे पुनः उपयोगी बन सकें। उन्होंने कहा कि मानसून के पानी का अधिकतम संचयन सुनिश्चित करने के लिए तालाबों, जोहड़ों और अन्य जलाशयों की समय-समय पर सफाई एवं गाद निकालने का कार्य किया जाए, जिससे उनकी जलधारण क्षमता बढ़ सके।
जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की मजबूती के लिए पौधारोपण जरूरी
डीसी ने कहा कि जलग्रहण क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधारोपण कर हरित आवरण बढ़ाने से भी जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी।
डीसी वर्षा खांगवाल ने कहा कि “कैच द रेन” अभियान का उद्देश्य वर्षा की एक-एक बूंद को बचाकर उसका अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है।
बरसाती जल संचयन के प्रभावी उपाय अपनाएं नागरिक
डीसी ने जिलावासियों से आह्वान किया कि वे अपने स्तर पर वर्षा जल संचयन के प्रभावी उपाय अपनाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि आज हम वर्षा जल का संरक्षण करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रहेगा और जल संकट से बचाव संभव होगा।
—
बारिश की हर बूंद बचाने का लें संकल्प, कैच द रेन अभियान से जुड़ें जिलावासी : डीसी





