बालश्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति पर रोक के लिए कड़ी कार्रवाई करें अधिकारी : डीसी शांतनु शर्मा

By Sahab Ram
On: July 9, 2026 5:52 PM
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सिरसा, 09 जुलाई।
उपायुक्त शांतनु शर्मा की अध्यक्षता में वीरवार को लघु सचिवालय में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड से जुड़ी विभिन्न योजनाओं व कार्यों की समीक्षा के लिए बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में बाल संरक्षण, किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान तथा विभिन्न विभागों के समन्वय से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में उपायुक्त ने श्रम विभाग से बाल श्रमिकों के रेस्क्यू अभियान की विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि गत वर्ष 87 बाल श्रमिकों को रेस्क्यू किया गया था, जबकि इस वर्ष में अब तक 27 बच्चों को रेस्क्यू किया जा चुका है। उपायुक्त ने कहा कि रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया जाए कि इनमें से कितने बच्चे हरियाणा के हैं तथा कितने अन्य राज्यों के हैं। साथ ही पुनर्वास के दौरान कितने बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया है, इसकी भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाए। वहीं श्रम विभाग को बाल श्रम एवं बाल भिक्षावृत्ति (चाइल्ड लेबर एवं बेगर) के विरुद्ध अभियान चलाकर संयुक्त रूप से छापेमारी करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में लगाए गए सुझाव बॉक्स में प्राप्त शिकायतों का नियमित रिकॉर्ड सुरक्षित किया जाए तथा उन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों की पहचान के लिए ऑटो मार्केट, ईंट-भट्टों तथा अन्य संभावित स्थानों पर विशेष सर्वे कराने के निर्देश दिए। साथ ही पूर्व में किए गए सर्वे का मिलान कर अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि शिक्षा विभाग के साथ-साथ ग्राम स्तर पर ग्राम सचिवों के माध्यम से ड्रॉपआउट बच्चों का सर्वे कराया जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और उसे पुन: विद्यालय से जोड़ा जा सके। बैठक में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए किशोर अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि बोर्ड के समक्ष पेश होने वाले बच्चों को आवश्यकतानुसार सामुदायिक सेवा (कम्युनिटी सर्विस) से जोड़ा जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि उनकी शिक्षा भी निरंतर जारी रहे।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए कि 17 से 18 वर्ष आयु वर्ग के संदिग्ध मामलों में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए ऐसे मामलों को बोर्ड के समक्ष ही प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को कानूनी सहायता की आवश्यकता है तो, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) द्वारा निशुल्क कानूनी सहायता दी जाती है। किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता के लिए पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को भाई कन्हैया आश्रम में रह रहे बच्चों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि विद्यालय स्तर पर पॉक्सो अधिनियम के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा कानून के प्रावधानों की जानकारी मिल सके। साथ ही सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए गए।

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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