रोहतक, 1 मई। अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नरेंद्र कुमार ने जिला के धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों का आह्वïान किया है कि वे पांडुलिपियों को डिजिटल करने की प्रक्रिया में शामिल हो। सरकार द्वारा प्राचीन ज्ञान संपदा के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से चलाये जा रहे विशेष व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पांडुलिपियों की पहचान और उनके दस्तावेजीकरण का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।
नरेंद्र कुमार स्थानीय लघु सचिवालय स्थित सभागार में ज्ञान भारतम मिशन के तहत आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 23 हजार से अधिक पांडुलिपियों की जानकारी एकत्रित की जा चुकी है तथा जिला में 170 पांडुलिपियों की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि प्राचीन ज्ञान संपदा को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। सभी जिलों में पांडुलिपियों की पहचान एवं दस्तावेजीकरण के लिए तीन माह का सघन सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञों एवं इतिहासकारों की भी भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने धार्मिक संगठनों एवं शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि उनके पास ऐसी पांडुलिपियां उपलब्ध है तो वे ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों को डिजिटल करने की प्रक्रिया में शामिल हों। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में अभिलेखाकार विभाग के स्थानीय लघु सचिवालय के तीसरे तल पर स्थित कमरा संख्या 315 में सहायक निदेशक कार्यालय में संपर्क कर सकते है।
नरेंद्र कुमार ने कहा कि नागरिक प्ले स्टोर से ‘ज्ञान भारतम ऐप’ डाउनलोड करके इसके माध्यम से अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों, ऐतिहासिक दस्तावेजों, मानचित्रों एवं पुरानी तस्वीरों का विवरण अपलोड कर सकते हैं। हरियाणा अभिलेख विभाग द्वारा आमजन को इन सामग्रियों को दान करने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है, ताकि इन्हें वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित किया जा सके।
अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने कहा कि जिन क्षेत्रों में प्राचीन मंदिर, मठ एवं निजी संग्रह अधिक हैं, वहां अभिलेखों का भौतिक सत्यापन और जियो-टैगिंग का कार्य भी किया जा रहा है। इस पहल से हरियाणा की पांडुलिपियों का एक डिजिटल इन्वेंट्री मैप तैयार किया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत युवाओं को पांडुलिपियों के संरक्षण कार्य से जुड़ने के लिए इंटर्नशिप के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे वे अपने इतिहास और संस्कृति से जुड़ सकें।
इस अवसर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजपाल चहल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी दिलजीत सिंह, उप जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता चहल के अलावा सहायक प्रोफेसर में डॉ. बीरबल, डॉ. कविता, पवन कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. राकेश कुमार, नरेश चंद्र, डॉ. हरदीप सिंह, डॉ. विवेक दांगी के अलावा धार्मिक संगठनों में भारतीय बौद्ध महासभा से अमरजीत गौतम, सिख कार्यकर्ता निर्मल सिंह, कार्तिक पुरी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे





