मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के अनुरूप राज्य में 4 हजार चयनित प्राइमरी स्कूलों व आंगनवाडिय़ों में प्री स्कूलिंग शिक्षा को शुरू किया जा रहा है जिसमें रेवाड़ी जिला के 166 आंगनवाड़ी केंद्रों को प्ले स्कूल का दर्जा दिया गया है। यह जानकारी डीसी यशेंद्र सिंह ने दी। डीसी ने कहा कि सरकार की ओर से शुरू गई इस योजना को आजादी अमृत महोत्सव के तहत कवर किया जा रहा है और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्ले स्कूल का संचालन होगा और विभागीय व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग प्रशासनिक स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
डीसी यशेंद्र सिंह ने बताया कि रेवाड़ी जिला में वर्ष 2021-22 में स्टेट रिसोर्स ग्रुप के प्रशिक्षण के अतिरिक्त सभी महिला एवं बाल विकास अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और आंगनवाडी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। साथ ही सभी ने बच्चों के साथ अपनी अभ्यास कक्षाओं को भी पूर्ण किया है। इस वर्ष की शुरुआत में ही दोबारा ओरिएंटेशन प्रशिक्षण पूर्ण किया गया है। ऐसे में अब एक अप्रैल से सरकार की नौनिहालों को खेल-खेल में शिक्षा प्रदान करने की पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि गुरूवार को जिला में प्ले स्कूल मे एडमिशन के लिए स्कूल रेडीनैस मेले का भी आयोजन किया गया जिसमें अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भागीदार बनते हुए इस नई पद्धति का स्वागत किया। डीसी ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य अभिभावकों को जागरूक करके माताओं को सशक्त बनाना है ताकि वे अपने बच्चों की प्रगति में अधिक सक्रिय भूमिका निभा सकें।

रेडीनेस मेले का हुआ शुभारंभ :
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी उर्मिल सिवाच ने बताया कि आजादी अमृत महोत्सव की श्रृंखला में डीसी यशेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में जिला रेवाड़ी में प्ले स्कूल का आगाज एक अप्रैल से हो रहा है। उन्होंने बताया कि विकासात्मक परिणामों में सुधार और अपने बच्चे को सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए घरेलू वातावरण भी उसी तरह का होना जरूरी है। उन्होंने रेवाड़ी में गुरूवार को प्ले स्कूल रेडीनेस मेले का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस प्रयास का उद्देश्य यह भी सुनिश्चित करना है कि बच्चे स्कूल के लिए तैयार हों। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इस मेले में अभिभावकों को सरकार की योजना के बारे में बताने के साथ ही नौनिहालों के भविष्य को लेकर सवालों के जवाब भी दिए गए।
मेले में लगे स्टाल्स में छोटे बच्चों के विकास के क्षेत्रों से सम्बंधित गतिविधियां दिखाई जिनमें विकास के शारीरिक, मानसिक, भाषा, पूर्व गणित और सामाजिक एवं भावनात्मक क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि समाज के सभी वर्गों के बच्चों को निशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सरकार ने यह बेहतरीन पहल की है। श्रीमती सिवाच ने बताया कि एक अप्रैल को रेवाड़ी जिला में रेवाड़ी ग्रामीण क्षेत्र में 43, बावल खंड में 30, जाटूसाना खंड में 33, नाहड़ खंड में 28, खोल खंड में 30 व रेवाड़ी शहरी क्षेत्र में एक आंगनवाड़ी केंद्र को प्ले स्कूल में अपग्रेड किया गया है।





