Haryana News: हरियाणा के सरकारी विभागों के करीब 590 करोड़ रुपए प्राइवेट बैंक में जमा कराने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जांच तेज हो गई है। अब तक इस मामले में चार गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जांच में सामने आया है कि 560 करोड़ रुपए हरियाणा के सरकारी खातों से जुड़े हैं, जबकि कुछ लेनदेन चंडीगढ़ यूटी से भी संबंधित बताए जा रहे हैं।
जांच के अनुसार, एक आरोपी स्वाती सिंगला की कंपनी के खाते में करीब 300 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। बताया जा रहा है कि स्वाती का पति अभय पहले IDFC First Bank में रिलेशनशिप मैनेजर रह चुका है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित बैंक शाखा के मैनेजर रिभव ऋषि को इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
बताया गया है कि इस शाखा में 18 सरकारी विभागों के खातों में आए पैसों को प्राइवेट कंपनियों में ट्रांसफर कर घुमाया गया। बाद में इस धनराशि को शेयर ट्रेडिंग और प्रॉपर्टी में निवेश किया गया।
जांच का दायरा हरियाणा से बाहर
मामले की आंच हरियाणा के साथ-साथ चंडीगढ़ और पंजाब तक पहुंच गई है। चंडीगढ़ स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शाखा और मोहाली (पंजाब) स्थित AU Small Finance Bank की शाखा के माध्यम से भी लेनदेन होने की बात सामने आई है।
एसीबी जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आईएएस अधिकारी डीके बोरा के फर्जी हस्ताक्षर कर 50 करोड़ रुपए एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में ट्रांसफर किए गए। इतना ही नहीं, 12 चेक पर भी उनके कथित तौर पर फर्जी साइन किए गए।









