भिवानी, 13 जून। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) भिवानी द्वारा किसानों को पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों में बदलाव कर आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में चलाए जा रहे ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत केवाईसी में जिलाभर के किसानों को आधुनिक खेती के लाभों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में मृदा वैज्ञानिक डॉ. ममता फौगाट ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि पारंपरिक खेती में अधिक लागत, कम उत्पादन तथा मिट्टी की उर्वरता में गिरावट जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। इसके अलावा प्राकृतिक संसाधनों पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बदलते जलवायु परिस्थितियों और कृषि लागत में वृद्धि को देखते हुए किसानों के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाना बेहद आवश्यक हो गया है।
डॉ. ममता ने बताया कि मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल चक्र अपनाना, उन्नत बीजों का प्रयोग, जैविक खाद का उपयोग तथा जल संरक्षण उपायों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से किसान अपनी पैदावार बढ़ाने के साथ-साथ उत्पादन लागत भी कम कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों एवं यांत्रिकीकरण के प्रयोग से समय की बचत होती है और खेती अधिक लाभदायक बनती है। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे पारंपरिक पद्धतियों से हटकर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करें। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी बल्कि टिकाऊ एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि को भी बढ़ावा मिलेगा।
वहीं किसानों ने विश्वास दिलाया कि वे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और वैज्ञानिक खेती के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।





