हैरिटेज वॉक हमारी संस्कृति और इतिहास से जुड़ने का सशक्त माध्यम : डॉ. अरविंद शर्मा

By Sahab Ram
On: May 31, 2026 1:02 PM
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चंडीगढ़, 30 मई— हरियाणा के पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि विरासत केवल पुराने भवनों और स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपराओं और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि नियमित पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और जब यह यात्रा अपनी ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़ जाए तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं से अपनी विरासत को जानने, समझने और उसके संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया।

पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा शनिवार को सोनीपत में हरियाणा पर्यटन निगम द्वारा हैरिटेज एवं सिटी वॉक के आयोजन में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने उपरांत बोल रहे थे। यह वॉक एथनिक इंडिया, राई से प्रारंभ होकर ऐतिहासिक बड़खालसा मेमोरियल तक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और नागरिकों ने भाग लिया। आओ चले अपनी विरासत के साथ मुहिम के तहत आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों से युवाओं व पर्यटनों को जोड़ना रहा।

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विधायक पवन खरखौदा ने कहा कि हरियाणा की धरती गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने इतिहास और महान व्यक्तित्वों के बारे में जानने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि विरासत स्थलों का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से अपने इतिहास पर गर्व करने और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

हैरिटेज एवं सिटी वॉक में भाग लेने वाले युवाओं को वॉक के अंत में बढ़खालसा मेमोरियल के इतिहास के बारे में बताया गया। इस दौरान बताया गया कि वर्ष 1675 में जब श्री गुरु तेग बहादुर जी का पावन शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब ले जाया जा रहा था, तब मुगल सेना उसका पीछा कर रही थी। उस समय बड़खालसा गांव के वीर दादा कुशाल सिंह दहिया ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपना शीश बलिदान कर दिया, ताकि गुरु जी का पावन शीश सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सके। उनका यह त्याग और बलिदान भारतीय इतिहास में अद्वितीय माना जाता है तथा आज भी समाज को साहस, समर्पण और धर्म रक्षा की प्रेरणा देता है।

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मंत्री डॉ अरविंद शर्मा ने वीर शहीद दादा कुशाल सिंह दहिया की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि दादा कुशाल सिंह दहिया का बलिदान भारतीय इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। धर्म, संस्कृति और मानवता की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे महान वीरों की स्मृतियों को संजोना और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से परिचित कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। डॉ. शर्मा ने कहा कि दादा कुशाल सिंह दहिया का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है, जो समाज को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

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Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

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