केंद्र सरकार की तरफ से लाये गए हिट एंड रन कानून का देश के अलग-अलग हिस्सों में ड्राईवर विरोध कर रहे है। कई जगहों पर हाइवे जाम करके रोष व्यक्त किया जा रहा है। रेवाड़ी में भी 3 दिनों से ड्राइवर्स की हड़ताल है। हड़ताल का असर पट्रोल पंप पर भी देखने को मिल रहा है। वो इसलिए कि रेवाड़ी के करनावास स्थित तीन ऑयल कंपनी के डिपो है।
डिपो से पट्रोल पंप पर पट्रोल – डीजल पहुंचाने वाले ड्राईवर हड़ताल पर है। ( Driver Strike News Today) हालाँकि काफी पट्रोल संचालक जैसे –तैसे आपूर्ति करा रहे है। लेकिन काफी पट्रोल पंप पर फ्यूल ना पहुँचने से परेशानी खड़ी हो रही है। ऐसे में हड़ताल और लंबी होती है तो हड़ताल का असर रोज़मर्रा की चीजों पर पड़ सकता है।
यहाँ आपको बता दें कि हिट एंड रन कानून केवल ट्रक ट्राइवर नहीं बल्कि सभी वाहन चालकों पर लागू होगा। अधिकांश देखा जाता है कि सड़क हादसों के बाद चालक घायल की मदद करने की बजाएँ वाहन को लेकर फरार हो जाता है। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने भाषण के दौरान माना था कि वो अच्छे हाइवे बनाने में तो सफल हुये है लेकिन सड़क हादसों को रोकने में ज्यादा कामयाब नहीं हुये है। इसलिए सड़क हादसों के बाद ईलाज के आभाव में लोगों की जान ना जायें , इसे देखते हुये सरकार ये कानून लेकर आई है।
बता दें कि हिट एंड रन केस को लेकर देश में पहले से कानून है। अभी इस केस में थाने में ही ड्राईवर कि जमानत हो जाती है। और दो साल की सजा का प्रावधान है। लेकिन ये कहा जा रहा है कि नए हिट एंड रन कानून के बाद 10 साल की सजा और 7 लाख का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। जिसे सुनने के बाद इस कानून पर ड्राइवर्स ने बवाल काटना शुरू किया हुआ है।
ड्राइवर्स का तर्क है कि कोई भी ड्राइवर जानबूझ कर दुर्घटना नहीं करता है। मौके से भागना उनकी मजबूरी होती है क्योंकि भीड़ उनपर हमला कर देती है।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक ये कहा जा रहा है कि सरकार वाहन चालकों को थोड़ी छुट देने जा रही है। वो ये कि अगर सड़क हादसे के बाद ड्राईवर घायल की मदद के लिए पुलिस को कॉल करता है और अपनी जानकारी पुलिस को देता है तो उसपर ये कानून लागू नहीं होगा। बहराल हड़ताल अभी जारी है। ऐसे में देखना होगा कि सरकार क्या रास्ता निकालती है। Driver Strike News Today









