हिसार, 29 जुलाई।
जिला स्तरीय स्वच्छ भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को ग्राम सचिवों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद डॉ. सुभाष चंद्र ने की। बैठक में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी अमोल ने स्वच्छ भारत मिशन के विभिन्न बिंदुओं को ग्राम सचिवों के समक्ष रखा और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सीईओ जिला परिषद डॉ. सुभाष चंद्र ने ग्राम सचिवों से कहा कि वे लाइन विभागों से संबंधित आवश्यक सूचनाएं एवं ग्राम पंचायतों के आंकड़ों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करें। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के डाटा का मिलान करने के बाद ही उसे पीएआई पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पूर्णत: सही एवं अद्यतन रहे। उन्होंने ग्राम सचिवों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी सूचनाएं अपलोड करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ सुभाष चंद्र ने जिले की 42 महाग्राम पंचायतों में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने चार स्तरीय कचरा पृथक्करण प्रणाली को पूरी गंभीरता से लागू करने के निर्देश दिए तथा कहा कि गीले, सूखे, घरेलू खतरनाक एवं अन्य प्रकार के कचरे का अलग-अलग संग्रहण एवं वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि जनभागीदारी का अभियान है। ग्राम सचिव अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियों की नियमित निगरानी करें तथा ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि प्रभावी ठोस कचरा प्रबंधन से गांव स्वच्छ होंगे, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं ग्राम सचिवों को सभी कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
जिला स्तरीय स्वच्छ भारत मिशन की बैठक आयोजित, ग्राम सचिवों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश





