हिसार, 28 जून। संत शिरोमणि कबीर दास जी की जयंती के उपलक्ष में रविवार को गांव जुगलान में सामाजिक समरसता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। युवा भाजपा नेता संजीव गंगवा ने कार्यक्रम में शिरकत करते हुए धानक चौपाल की नींव रखी और निर्माण कार्यों के लिए कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की ओर 11 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की। इससे पूर्व भी यहां कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा की ओर से 8 लाख रुपए की राशि दी गई थी। अपने सम्बोधन में संजीव गंगवा ने कहा कि संत कबीर दास जी केवल एक संत ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक, महान चिंतक और मानवता के सच्चे उपासक थे। उन्होंने अपने दोहों और वाणी के माध्यम से समाज में फैली ऊंच-नीच, छुआछूत, अंधविश्वास और भेदभाव का विरोध किया तथा प्रेम, समानता, भाईचारे और सत्य का संदेश दिया। उनका जीवन हमें सिखाता है कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति, धर्म या वेशभूषा से नहीं, बल्कि उसके कर्म, विचार और आचरण से होती है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में “संत-महापुरुष विचार प्रसार योजना” के तहत संतों और महापुरुषों से जुड़े महत्वपूर्ण दिवसों को पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मना रही है। इस योजना का उद्देश्य केवल जयंती मनाना नहीं है, बल्कि समाज को संत-महापुरुषों के आदर्शों से जोड़ना और उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है।
इन आयोजनों के माध्यम से हमारी युवा पीढ़ी को अपने संतों और महापुरुषों के जीवन, संघर्ष, त्याग और उनके महान विचारों से प्रेरणा मिलती है। आज के समय में जब समाज को आपसी सद्भाव, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब संत कबीर दास जी की शिक्षाएं पहले से भी अधिक प्रासंगिक हैं।
उन्होंने कहा कि आज हम ऐसे दौर में हैं, जहां किसी भी देश और समाज की सबसे बड़ी ताकत उसके शिक्षित और सक्षम नागरिक होते हैं। हमारी केंद्र और प्रदेश सरकार अंत्योदय की भावना को लेकर कार्य कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे और कोई भी परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंद वर्ग के उत्थान के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि आज का युग शिक्षा, कौशल और प्रतिभा का युग है। वही समाज आगे बढ़ेगा जो अपने बच्चों को शिक्षित और योग्य बनाएगा। शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान और सशक्त समाज के निर्माण का आधार है।
हमारी सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आज छोटे से छोटे घर का युवा भी अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर बड़ी से बड़ी सरकारी नौकरी हासिल कर सकता है। अब सफलता की कुंजी केवल मेहनत और योग्यता है। यह व्यवस्था युवाओं के आत्मविश्वास को मजबूत कर रही है और उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दे रही है। इस अवसर पर सरपंच दलबीर, धर्मपाल सिवाच, बलवान सिंह,





