गुरुग्राम विजिलेंस थाना में नगर परिषद् के ईओ अभय सिंह, एमई सोहन और एमई के पिता नन्दलाल जो किसी दूसरें महकमे के एसडीओ है. तीनों पर बाईनेम ऍफ़आईआर दर्ज की है. आपको बता दें कि रेवाड़ी शहर के कालका रोड़ स्थित विकास नगर के रहने वाले जगदीश नाम के व्यक्ति की शिकायत पर ये केस दर्ज किया गया है. जिन्होंने कहा है कि चाचा का प्लाट उनके बेटे का नाम ट्रांसफर होना था. जिसके लिये नगर परिषद् से एनडीसी की जरूरत थी.
शिकायतकर्ता जगदीश ने दिसंबर माह में ऑनलाइन एनडीसी के लिए अप्लाई किया था. जिसके बाद लगातार घूस मांगकर उसे परेशान किया जा रहा था. परेशान होकर उन्होंने विजिलेंस टीम को को सूचना दी और घूस मांगने की ऑडियो भी विजिलेंस टीम को भेज दी. इस मामले में विजिलेंस टीम आरोपियों को रंगे हाथों काबू करना चाहती थी लेकिन पता नहीं कहाँ से इन्फोर्मेशन लीक हो गई. इस मामले में ऑडियो और जगदीश के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया है.

यहाँ आपको बता दें कि शहर में किसी भी प्रोपटी को सेल या ट्रांसफर करने के लिए एनडीसी और प्रोपर्टी आई की जरूरत पढ़ती है. जिसके लिए शिकायतकर्ता ने आवेदन किया था. इस मामले में नगर परिषद् के एमई सोहन को एनडीसी जारी करनी थी. लेकिन उन्होंने दो लाख की घूस की डिमांड की. जिस डील के लिए बीच में एम्ई सोहन के पिता नंदलाल शामिल रहें. नन्दलाल किसी दूसरें महकमे में एसडीओ है. 15 मिनट की ऑडियो क्लिप में कहा गया है कि इस दो लाख रूपए में सबका हिस्सा है. जिसमें ईओ भी शामिल है.
शिकायतकर्ता ने कहा कि अधिकारियों को घूस के पैसे की इतनी लत लगी हुई है कि उन्होंने कई नगर पार्षद और पहुँच वाले लोगों से फोन कराकर भी काम कराने की कोशिश की लेकिन काम नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि नगर परिषद में एक बड़ा गिरोह काम कर रहा है. इसलिए मामले की जाँच करके उचित कार्रवाई करनी चाहिए.
बहराल इस मामले में विजिलेंस टीम मामले की जाँच कर रही है. और जिस एनडीसी को जारी करने में नगर परिषद् के अधिकारी दो लाख की घूस मांगकर तीन महीने से लटकाएं हुए थे. उस एनडीसी को सरकारी अवकाश के दिन जारी कर दिया गया. इस मामले में नगर परिषद के अधिकारी आरोपों का जवाब देने के लिए अभी आगे नहीं आये है.





