रेवाड़ी जिले के एनएच-08 गांव साल्हावास स्थित प्लेटीनम विला वासियों के लिए बिजली बिल को लेकर राहत भरी खबर है। प्लेटिनम विला के अधिवक्ता नरेन्द्र लखेरा व नितेश अग्रवाल ने संयुक्त रूप से बताया कि बिल्डर लैंडमार्क ने साल्हावास गुर्जर गांव में प्लेटीनम विलाज एंड हाइट्स के नाम से एक सोसाइटी बनाई हुई है। बिल्डर ने बिल्डिंग के निर्माण के लिए लगभग 2006 में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम धारुहेड़ा से बिजली का कनेक्शन लिया हुआ है। जब उसने लोगों को विला बेचे तो उनसे 56 हजार रुपये बिजली व पानी मीटर के नाम पर वसूले। बिजली विभाग से बिल्डर को लगभग 6 रुपये 20 पैसे के हिसाब से बिजली मिल रही है।
मगर बिल्डर उसे 10 रुपये 50 पैसे व उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगा कर वसूलता रहा। इतना ही नहीं बिल्डर ने डीजल के बढते दामों का हवाला देकर अपना तानाशाही रवैया अपनाते हुए सोसायटी के लोगों को 15 रुपये प्रति यूनिट व उस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगा कर बिल भरने का फरमान एक नोटिस के माध्यम से जारी कर दिया था। 15 रुपये बिजली की दर व उस पर 2 रुपये 70 पैसे जीएसटी के साथ यानी 17.70 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से चार्ज लिया जा रहा था जो काफी अधिक था।
इसके अलावा बिल्डर द्वारा बिजली के व जरनेटर के चार्ज को एक साथ वसूला जा रहा था अर्थात आपके घर में बिजली हो या नहीं, जरनेटर चले या नहीं पूरे पर 17.70 रुपये की दर वसूली जा रही थी जो कि पूर्णतया गलत थी क्योंकि बिल्डर की डयूटी थी कि वह विला वासियों को डयूल मीटर लगा कर दे जिससे सरकारी बिजली व जरनेटर की बिजली की सप्लाई की रीडींग अलग-अलग नोट की जा सके मगर बिल्डर ने बिजली नियमों की अनदेखी करते हुए सब मीटर लगाकर बिजली को बेचना शुरू कर दिया।
जब विला की आरडब्ल्यूए ने बिल्डर से बिजली बिल व जनरेटर का बिल अलग अलग देने की बात की तो बिल्डर ने डिजिटल मीटर के लिए साढ़े 8 हजार रुपये ओर मांगे व बिजली काटने की धमकी दी। विला निवासियों का कहना था कि आप को 56 हजार इसीलिए दिए थे कि आप जनरेटर व बिजली विभाग की बिजली को अलग अलग दें मगर आप ने ऐसा नहीं किया। सोसायटी की आरडब्ल्यूए ने कहा कि आप हमें एनओसी दे दीजिए हम बिजली विभाग से मीटर लगवा लेंगे क्योंकि हमारे विला फ्री होल्ड प्रोपर्टी है। बिल्डर ने बिना कंपीलिशन सर्टीफिकेट लिए व बिना ऑक्युपेशन सर्टीफिकेट लिए विला वासियों को गुमराह करते हुए एनओसी दे दी। जब लोगों ने पर्सनल मीटर लगवाने के लिए बिजली विभाग की साइट पर धारुहेड़ा डिवीजन में अप्लाई किया मगर विभाग ने आवेदन को यह लिख कर रिजेक्ट कर दिया की आप इस विभाग के अधीन नहीं आते।
शुक्रवार को माननीय अदालत जितेन्द्र सिंह, सिविल जज सिनियर डिविजन ने जहां बिल्डर को अपने खर्चे पर तुरंत प्रभाव से डयूल मीटर लगाने के आदेश जारी किए है वहीं बिजली बोर्ड को भी निर्देश दिए कि वे विला निवासियों को व्यक्तिगत मीटर उपलब्ध करवाए। कोर्ट के आदेश के बाद विला वासियों में खुशी की लहर है व उन्होने माननीय जज साहब जितेन्द्र सिंह का आभार जताते हुए कहा कि भले ही देर से न्याय मिले मगर अंत में जीत सच्चाई की ही हुई।





