सिरसा, 17 जून।
केन्द्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा बुधवार को जिला के गांव हंजीरा, मुसाहिबवाला व ढुकड़ां में किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए गएं। इन शिविरों में किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों, आधुनिक कृषि तकनीकों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उप कृषि निदेशक डॉ० सुखदेव सिंह ने बताया कि इन शिविरों में किसानों को प्राकृतिक खेती तथा सरकार द्वारा किसानों के हित में चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में किसानों को बताया गया कि वर्तमान समय में प्राकृतिक खेती केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि टिकाऊ और लाभकारी कृषि व्यवस्था की आवश्यकता बन चुकी है। शिविरों के दौरान कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खेती करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्ष में सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए अनेक क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड से लेकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई प्रकार के अनुदान और प्रोत्साहन राशियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की लागत को कम करना और उनकी आय को दोगुना करना है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को रासायनिक खादों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से होने वाले नुकसानों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध रसायनं के प्रयोग से हमारी धरती माता की उपजाऊ शक्ति क्षीण हो रही है और खान-पान दूषित होने से बीमारियाँ बढ़ रही हैं। इसका एकमात्र समाधान प्राकृतिक खेती है।





