एडीसी जयदीप कुमार वीरवार को जिला सचिवालय सभागार में स्ट्रे कैटल से संबंधित अधिकारियों को बैठक में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घूमने वाले आवारा पशुओं के लिए आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने पशुपालन और डेयरी विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि गौशालाओं को पंजीकृत करने के लिए नियम बनाकर गौशालाओं को पंजीकृत करे। उन्होंने कहा कि सभी गौशाला उत्पादक एवं अनुत्पादक पशुओं को रखने पर ध्यान दे तथा यदि किसी गौशाला को आवारा पशुओं के पुनर्वास के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता है तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं पंचायत विभाग एवं शहरी क्षेत्रों में शहरी स्थानीय निकाय विभाग संबंधित गौशाला को भूमि उपलब्ध कराने के लिए विभाग को आवेदन करेंगी। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी विभाग जिले के गौशालाओं में रखे गए मवेशियों और जिला में घूमने वाले आवारा पशुओं के संबंध में एक सर्वेक्षण करे।
उन्होंने कहा कि विकास एवं पंचायत विभाग व शहरी स्थानीय निकाय इस कार्य के लिए विशेष रूप से अपने पशु पकडऩे वाले दलों को तैनात करके ग्रामीण और शहरी स्थानीय क्षेत्रों में आवारा पशुओं को पकडऩे में मदद करेंगे।





