कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महाराणा प्रताप के नाम पर चेयर व अध्ययन केंद्र की स्थापना होगी: मुख्यमंत्री

By Sahab Ram
On: May 18, 2026 12:41 PM
Follow Us:

चंडीगढ़, 17 मई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में महाराणा प्रताप के नाम पर अध्ययन केंद्र व एक चेयर की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा शहजादपुर के बड़ागढ़ में स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय का नाम बदलकर महारानी पद्मावती राजकीय महाविद्यालय किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणाएं रविवार को अंबाला के शहजादपुर में ‘संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ के अंतर्गत आयोजित महाराणा प्रताप जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में कीं। उन्होंने नारायणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये, राजपूत छात्रावास के निर्माण कार्य के लिए 31 लाख रुपये देने तथा शहजादपुर के कच्चे नाले को पक्का करवाए जाने की भी घोषणा की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप की नवीकृत प्रतिमा का अनावरण भी किया। समारोह में मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह ने विशेष रूप से शिरकत की।

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महाराणा प्रताप ऐसे महान यौद्धा थे जिनका नाम लेते ही रोम रोम में देशभक्ति की लहर दौड़ने लगती है। इनका नाम सुनते ही हृदय गर्व से और आंखें श्रद्धा से भर जाती हैं। राजपूत समाज में महाराणा प्रताप का जन्म ऐसे समय में हुआ था जब भारतीय समाज पर अन्याय, अत्याचार की घोर घटा छाई हुई थी और हमारी गौरवशाली संस्कृति को नष्ट करने तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया जा रहा था। उन्होंने महाराणा कुंभा और राणा सांगा से वीरता और शौर्य विरासत में प्राप्त की और मेवाड़ की सत्ता संभालने के बाद साहस, पराक्रम और वीरता की अनुपम मिसाल कायम की थीं। उनका घोड़ा ‘चेतक’ और हाथी ‘रामप्रसाद’ भी उन्हीं की भांति अद्भूत थे जिन्होंने राष्ट्र, धर्म और सम्मान की रक्षा के लिए त्याग के उदाहरण प्रस्तुत किए।

The ADC imposed a fine of ₹44,998 in two cases of food adulteration.
एडीसी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के दो मामलों में लगाया 44 हजार 998 रुपये जुर्माना

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महाराणा प्रताप ने मेवाड़ की सत्ता संभाली तब आधा मेवाड़ मुगलों के अधीन हो चुका था। अपनी जन्मभूमि व कर्मभूमि को मुगलों से आजाद करवाने के लिए महाराणा प्रताप ने लगभग 20 साल जंगलों में बिताए। उन्होंने घास की रोटियां खाना स्वीकार किया लेकिन हार नहीं मानी। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जन्म बहादुर राजपूत कौम में हुआ। राजपूत एक जाति का नहीं, बल्कि न्याय व सच्चाई का एक प्रतीक है। इस कौम ने देश को महान शासक दिए। भारत की आजादी और आजादी के बाद राष्ट्र की आन, बान व शान की रक्षा के लिए कुर्बानी देने वालों में इस समाज का अग्रणी स्थान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह संदेश देता है कि जब तक स्वाभिमान जीवित है तब तक हमारी आत्मा जीवित है। देश की सभ्यता व संस्कृति पर कोई आंच न आने देने के उनके सिद्धांत आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं। उनकी बहादुरी से प्रेरित होकर ही हमारी सेनाओं ने युद्धों में अनेक बार दुश्मनों को धूल चटाई है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हाल ही में हमने ऑपरेशन सिंदूर की बरसी मनाई है। एक साल पहले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में हमारी सेनाओं ने पहलगाम में निहत्थे नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकियों को सबक सिखाया। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में आज देश सशक्त भारत के रूप में उभर रहा है और भारत की शक्ति का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। यह वही सशक्त भारत है जिसका सपना महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों ने देखा था। महाराणा प्रताप की वीर गाथाएं हमारे इतिहास की शान हैं।

* मतदाता सूची का प्रारम्भिक प्रकाशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण: डीसी

मिजोरम के राज्यपाल जनरल (डॉ.) विजय कुमार सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणा होना चाहिए। उनके जीवन से हमें सीखना चाहिए कि हमें कभी अपनी धरोहर, संस्कृति व धर्म को नहीं भूलना चाहिए। महाराणा प्रताप ने हमेशा जनता की भलाई को प्राथमिकता दी और स्वयं के सुख या कल्याण की कभी परवाह नहीं की। उनके आदर्शों पर चलने से ही समाज, प्रदेश व देश का उत्थान होगा।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने जिस युद्ध शैली से मुगलों के दांत खट्टे किए उसी युद्ध शैली को छत्रपति शिवाजी ने अपनाया। महाराणा प्रताप की युद्धनीति बेजोड़ थी जिससे हम यह सीख सकते हैं कि कभी भी किसी काम को भावावेश में नहीं करना चाहिए बल्कि हर काम को सोच-समझकर करेंगे तो जीत हमेशा आपकी होगी। जिस प्रकार महाराणा प्रताप कठिनाइयों के बावजूद अपने कर्म व धर्म को नहीं भूले, उन्हें घास की रोटी खानी पड़ी और जंगल में रहना पड़ा, उसी प्रकार हमें भी कठिनाइयों से जूझना और लड़ना सीखना चाहिए। हरियाणा को आगे ले जाने के लिए हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

समारोह की अध्यक्षता कर रहे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने महाराणा प्रताप, उनके घोड़े तथा हाथी के शौर्य, वीरता व त्याग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उनके द्वारा किए गए संघर्ष व हल्दीघाटी में हुए युद्ध की घटनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप सच्चे अर्थों में शूरवीर थे। महाराणा प्रताप के साथ-साथ उनसे पूर्व की 12 पीढ़ियों ने भी देश के लिए कुर्बानियां दी। उनकी जयंती देश के अलग-अलग हिस्सों में पूरी श्रद्धा व आस्था के साथ मनाई जा रही है। 

जमीनी धोखाधड़ी के मामलों में ऊर्जा मंत्री अनिल विज सख्त, डीएसपी को केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, असंध के विधायक योगेंद्र राणा, पूर्व मंत्री संजय सिंह, मंदीप राणा, संतोष सारवान, रेखा राणा, शशि परमार, अमरपाल राणा,  डॉ. पवन सैनी व वीरेंद्र चौहान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

The ADC imposed a fine of ₹44,998 in two cases of food adulteration.

एडीसी ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के दो मामलों में लगाया 44 हजार 998 रुपये जुर्माना

* मतदाता सूची का प्रारम्भिक प्रकाशन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण: डीसी

जमीनी धोखाधड़ी के मामलों में ऊर्जा मंत्री अनिल विज सख्त, डीएसपी को केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

 9.75 करोड़ रुपए की लागत से मजबूत होगी अम्बाला छावनी की 10 सड़कें, विकास को मिलेगी गति : ऊर्जा मंत्री अनिल विज

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए कठोर कानून बना रही है मोदी सरकार : डॉ. अरविंद शर्मा

ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित, पात्र मतदाता 30 अगस्त तक कर सकेंगे दावा एवं आपत्ति प्रस्तुत : उपायुक्त आयुष सिन्हा                                  

Leave a Comment