रोहतक। शैली साहित्य मंच, हरियाणा द्वारा महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक के हिन्दी विभाग में वार्षिक सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो0 नरेश मिश्र रहे, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में रक्तदान के भीष्मपितामह, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ0 मधुकांत ने शिरकत की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर आकाशवाणी रोहतक के निदेशक डॉ0 संजय बाली और जींद से शकुंतला काजल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन डॉ0 निधि राठी द्वारा किया गया। इस भव्य समागम की समुचित व्यवस्था मंच के अध्यक्ष डॉ0 चंद्रदत्त शर्मा एवं उपाध्यक्ष पवन मित्तल ने सुनियोजित ढंग से की। कार्यक्रम में जय सिंह ‘जीतÓ और उनकी पार्टी ने घड़वा व हारमोनियम के तालमेल से शानदार संगीतमय प्रस्तुति दी, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। इस अवसर पर डॉ. चंद्र दत्त शर्मा के परिजन डॉ. कविता शर्मा, शैली शर्मा और देवदत्त भी मौजूद रहे। इस गौरवमयी समारोह में डॉ. चंद्र दत्त शर्मा एवं उनके परिजनों द्वारा अपने पूर्वजों की स्मृति में स्थापित किए गए प्रतिष्ठित सम्मानों का वितरण किया गया। इसके तहत पंडित श्रीदत्त शर्मा स्मृति सम्मान देवदत्त देव को, साहित्य सोम सम्मान डॉ0 पुष्पा को, पंडित अभेराम स्मृति सम्मान जय सिंह ‘जीतÓ को, श्रीमती पतासो देवी स्मृति सम्मान खुशबू जैन को और चन्द्रकवि साहित्य सम्मान कृष्ण लाल ‘गिरधरÓ को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, माता इन्द्रा स्वप्न स्मृति सम्मान से पत्रकार संजय शर्मा को नवाजा गया, जबकि डॉ. राजबाला ‘राजÓ को ‘सृजन श्रीÓ सम्मान और 28 बार रक्तदान करने के लिए डॉ. रामअवतार कौशिक को ‘रक्तदाता सम्मानÓ से विभूषित किया गया। इसी कड़ी में काशी हिंदी विद्यापीठ, वाराणसी से हरियाणा सचिव मनोनीत डॉ0 कविता शर्मा और डॉ0 चंद्र दत्त शर्मा द्वारा सुलेख चंद जैन, जगमाल सिंह राणा, जय भगवान सैनी, सुमित कुमार, कमलेश कुमार पालीवाल, मधु गोयल, सहदेव शर्मा और भारत भूषण को मानद उपाधि (डॉक्टरेट) से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान साहित्य जगत को समृद्ध करने वाली 5 नवीन पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया। इनमें अशोक कुमार जाखड़ ‘निस्वार्थीÓ की पुस्तक * ‘निस्वार्थीÓ नवाबों की नाइंसाफी, जय भगवान सैनी का बाल साहित्य ‘सोनू मोनूÓ, अनिता जैन की कृति श्रद्धा सौरभ, डॉ. राजबाला ‘राजÓ का बाल गीत संग्रह मन की भाषा और लेखराज चौहान का रागनी संग्रह विषय वासना: एक अंधा कुंआ शामिल रहीं। इसके पश्चात आयोजित कवि सम्मेलन में 50 से अधिक दिग्गज साहित्यकारों ने अपनी श्रेष्ठ रचनाओं से समां बांधा। काव्यपाठ करने वालों में प्रो. नरेश मिश्र, डॉ. मधुकांत, संजय बाली, डॉ. चंद्र दत्त शर्मा, पवन मित्तल, एडवोकेट मुनीष मलिक, देवदत्त देव, जयसिंह जीत, खुशबू जैन, कृष्ण लाल गिरधर, पंकज गोयल, शकुन्तला काजल, लोककवि रघवीर शर्मा, निधि राठी, राजकुमार नैन, आजाद सिंह आजाद, रानी सोनिया पांचाल, जितेन्द्र वसिष्ठ, मुकेश शर्मा अनमोल, भरत जून, मास्टर खेमचंद सहगल, पवन गहलोत, गोरी अरोड़ा, स्नेह बंसल, बृजबाला गुप्ता, कर्ण सिंह, बलबीर ढाका, विपिन गुप्ता, रामअवतार शर्मा, राजबाला राज, भारतभूषण वर्मा, सुलेख जैन, जयभगवान सैनी, जगमाल सिंह, अशोक जाखड़, लेखराज चौहान, सहदेव शर्मा, कमलेश कुमार और मधु गोयल शामिल रहे। इस अवसर पर रविपाल राणा, विक्रम सिंह, अनिता जैन, सुनीत कुमार, रामप्रसाद, वत्सल जैन, सुरेन्द्र धीमान, अश्वनी कुमार, शिव कुमार और कर्ण सिंह चिमनी भी विशेष रूप से उपस्थित होकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
शैली साहित्य मंच के वार्षिक सम्मान समारोह और कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन





