रोहतक, 27 मई। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के दौरान राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के सीआरएम घटक के तहत किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों पर 50 प्रतिशत अनुदान (सब्सिडी) उपलब्ध करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जिला के इच्छुक किसान विभाग के आधिकारिक पोर्टल agriharyana.gov.in पर जाकर अपने आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। सचिन गुप्ता ने बताया कि व्यक्तिगत श्रेणी में एक परिवार पहचान पत्र से केवल एक ही किसान का चयन किया जाएगा। व्यक्तिगत श्रेणी के अंतर्गत सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर/मल्चर, श्रबमास्टर/रोटरी स्लाशर, हाइड्रोलिक रिवर्सिबल एम.बी. प्लो, जीरो टिल सीड फर्टिलाइजर ड्रिल, सुपर सीडर, सरफेस सीडर, स्ट्रॉ बेलर मशीन, स्ट्रॉ रेक, क्रॉप रीपर, ट्रैक्टर माउंटेड लोडर (बिना ट्रैक्टर) तथा ट्रैक्टर ड्रावन टेडडर मशीन पर अनुदान के लिए आवेदन किया जा सकता है।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि एक परिवार पहचान पत्र से किसान केवल एक यंत्र के लिए आवेदन कर सकता है तथा अनुदान भी केवल एक ही मशीन पर दिया जाएगा। हालांकि यदि कोई किसान ‘बेलर’ मशीन के लिए चयनित होता है तो उसे ‘स्ट्रॉ रेक’ तथा ‘रोटरी स्लैशर/श्रब मास्टर’ खरीदने की अनुमति भी होगी। आवेदन करने के लिए किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर वर्ष 2025-26 की खरीफ एवं रबी फसलों का पंजीकरण होना अनिवार्य है।
सचिन गुप्ता ने बताया कि इसके अलावा पहचान पत्र, आईडी प्रूफ, पैन कार्ड, हरियाणा राज्य में पंजीकृत ट्रैक्टर की वैध आरसी (केवल ट्रैक्टर से चलने वाली मशीनों के लिए), छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए पटवारी रिपोर्ट, बैंक खाता विवरण, स्वयं घोषणा पत्र तथा अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के लिए एससी प्रमाण पत्र आवश्यक होंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित किसान ने पिछले तीन वर्षों में उसी यंत्र पर विभाग की किसी भी योजना के तहत अनुदान प्राप्त न किया हो। उन्होंने बताया कि यदि किसी यंत्र के लिए प्राप्त आवेदन निर्धारित लक्ष्य से अधिक होते हैं तो पात्र लाभार्थियों का चयन उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा ड्रा ऑफ लॉट्स के माध्यम से किया जाएगा।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने किसानों का आह्वान किया कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें तथा फसल अवशेष प्रबंधन मशीनों का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें। अधिक जानकारी के लिए किसान किसी भी कार्य दिवस में सहायक कृषि अभियंता, रोहतक कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।





