रेवाड़ी इंदिरा गाँधी विश्वविद्यालय से निलंबित एसिस्टेंट प्रोफेसर ने आईजीयू के गेट पर जूते पोलिस करके धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है. जिसका कहना है कि आईजीयू ने झूठे मुकदमे दर्ज कराकर जेल कराई थी. लेकिन आज 4 साल बाद भी उसपर चार्जफ्रेम नहीं हुए है. जो दर्शाता है कि उसपर गलत कार्रवाही की गई थी. इसलिए अब उसकी मांग है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उसे बहाल करें. एसिस्टेंट प्रोफेसर बलकार सिंह ने कहा है कि जबतक बहाली नहीं होगी तबतक रोष प्रदर्शन जारी रहेगा.
बता दें कि करीबन चार साल पहले एसिस्टेंट प्रोफेसर बलकार सिंह ने विश्वविद्यालय के विभिन्न मुद्दों को उठाया था. सहायक प्रोफेसर डॉक्टर बलकार सिंह ने कहा कि 2018 में 4 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती में धांधली करने का आरोप लगाते हुए विरोध दर्ज कराया था. इस मामले में उनकी विश्वविद्यालय प्रबंधन से कहासुनी भी हो गई थी. जिसके बाद उनके खिलाफ आईजीयू प्रबंधन की तरफ से अभद्रता और धमकी का मामला भी दर्ज कराया गया था. इस दौरान आईजीयू की ही एक महिला स्टाफ सदस्य ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का भी मुकदमा दर्ज कराया था।
अब एसिस्टेंट प्रोफेसर बलकार सिंह का कहना है कि उनपर लगे सभी आरोप आजतक चार्जफ्रेम नहीं हुए है. जिससे साबित होता है कि आरोपों में सच्चाई नहीं थी. इसलिए अब विश्वविद्यालय उनका करियर ख़राब ना करके बहाल करें. इस मामले में आईजीयू प्रशासन से भी हमने बातचीत करने की कोशिश की. लेकिन उनकी तरफ से जवाब नहीं दिया गया.





