डीसी ने अपने आदेशों में कहा है कि जिला की सीमा के अन्दर स्थित ईंट भट्टा / गत्ता फैक्ट्ररी मालिक/ दूसरे राज्यों व जिलों से व्यापारी जो तुड़ा, भूसा व कटी फसलों के अवशेष ईंट पकाने / गत्ता बनाने आदि कार्यों के लिए खरीद कर अवैध रूप से अन्य राज्यो/ जिले से बाहर भेजते है, भूसा, तुड़ा इत्यादि भेजने के लिये इस्तेमाल होने वाले वाहनो को भी ओवरलोड कर भेजा जाता है। जिस कारण भविष्य में पशुओं के चारे के रेटो में वृद्धि, पशुओं के लिये सूखे चारे की कमी एवं बरसात की कभी से यह स्थिति और भी गम्भीर हो सकती है।
जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने कहा कि भविष्य में पशुओं के चारे के रेटो में वृद्धि, पशुओं के लिये सूखे चारे की कमी एवं बरसात की कभी से यह स्थिति और भी गम्भीर हो सकती है, दूसरे प्रदेशों में अवैध रूप से तूड़ा ले जाने से प्रदेश को वित्तीय हानि भी होती है तथा ओवरलोड वाहनों के सड़को पर चलने से सड़क दुर्घटना की संभावनाओं से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।
जिलाधीश यशेन्द्र सिंह ने आदेश में जिला के सभी उप-मण्डल अधिकारी ना., कार्यकारी अधिकारी, सभी पुलिस अधिकारी, पशुपालन, उप-निदेशक कृषि, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी, यातायात अधिकारी, सचिव मार्किट कमेटी, सचिव प्रदेशिक प्राधिकरण को उक्त आदेशों की पालना के लिए निर्देश दिए है। जिलाधीश ने कहा कि उक्त आदेशों की अवहेलना में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 संपठित वायु एवं प्रदूषण नियन्त्रण अधिनियम 1981 के तहत दण्ड का भागी होगा।










