रेवाड़ी में बेसहारा पशुओं की समस्या से जनता परेशान है. जनता अपने दर्द को बयां कर शासन – प्रशासन से समस्या के समाधान के लिए गुहार लगा रही है. लेकिन बेजुबान बेसहारा पशु अपना दर्द किसी को बयां भी नहीं कर सकते है. इस बीच गौ भक्तों की टीम ने इन बेसहरा पशुओं का दर्द समझा है. जो टीम बेसहारा जानवरों की मदद करने के लिए काम कर रही है. एक तरह से गौ भक्त युवाओं की टीम बेसहारा पशुओं के लिए एक फ़रिश्ता बनकर पहुँच रही है.
युवाओं की इस टीम को जहाँ से सूचना मिलती है. ये टीम वहीँ पहुंचकर बचाव का काम शुरू कर देती है. चाहे गौ तस्करों से गौ वंशों को बचाने की बात हो, चाहे सड़क हादसे में घायल पशुओं के इलाज की बात हो या फिर बीमार पशुओं के इलाज की बात हो, ये टीम सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुँचती है वो राहत कार्य शुरू करती है. ऐसा नहीं है कि युवाओं की ये टीम केवल गौ वंशों को बचाने के लिए काम करती है. कुता – बिल्ली या कोई अन्य जानवरों को बचाने के लिए भी गौ भक्त युवाओं की टीम लगी रहती है.
ये तस्वीर शहर के लियो चौक और गुलाबी बाग़ की है. जहाँ से गौ रक्षक दल रेवाडी़ को सूचना मिली थी कि दो नंदियों के पैर –पेट पर गहरा घाव है और कीड़े लगे हुए है. जिस सूचना के बाद युवाओं की ये टीम मौके पर पहुंची . और जैसे –तैसे नंदी को काबू करके उपचार कार्य किया गया.





