आपको बात दें कि डीसी यशेंद्र सिंह ने अलग –अलग विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके ओचक निरिक्षण करने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद शनिवार सुबह अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी के समय में दस्तक दी. एडीसी जयदीप कुमार ने सिहा स्थित स्वास्थ्य केंद्र का ओचक निरिक्षण किया, वहीँ जिला नगर आयुक्त भारत भूषण गोंगिया ने धारूहेड़ा स्वास्थ्य केंद्र, एसडीएम रेवाड़ी सिद्धार्थ दहिया ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मीरपुर, एसडीएम बावल संजीव कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टांकरी, एसडीएम कोसली होशियार सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाहड़, सीटीएम देवेंद्र शर्मा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कसौला, डीडीपीओ एच.पी.बंसल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरावड़ा, डीआरओ राकेश कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मसानी, सीएमजीजीए अमन वालिया ने पीएचसी भोंतवास अहीर व डहिना पीएचसी का औचक निरीक्षण किया है.
निरीक्षण के दौरान सीएचसी मीरपुर में 4 डॉक्टर्स , सीएचसी गुरावड़ा में 3 डॉक्टर्स व 11 स्वास्थ्य कर्मी, नाहड़ सीएचसी में 26 स्वास्थ्य कर्मी बिना किसी पूर्व सूचना के गैर हाजिर मिले, वहीं पीएचसी टांकरी में 3 स्वास्थ्य कर्मी, मीरपुर सीएचसी में 3 डॉक्टर्स, टांकरी पीएचसी में 1 महिला डॉक्टर, कसौला पीएचसी में डॉक्टर्स निर्धारित ओपीडी समय से देरी से स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचे। निरीक्षण टीम द्वारा सभी केंद्रों पर मोमेंट व स्टॉक रजिस्टर की भी जांच की गई। जांच के दौरान अनेक केंद्रों पर डॉक्टर्स व फार्मेसिस्ट के रजिस्टर में भी रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। वहीं ओपीडी रजिस्टर में पेशेंट का आधार नम्बर व मोबाइल नम्बर भी दर्ज नहीं मिला जोकि नियमों की अवहेलना को दर्शाता है। सभी टीम ने जांच की रिपोर्ट आगामी कार्रवाई हेतु डीसी को पेश की है।

डीसी यशेन्द्र सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के निर्धारित समयानुसार स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी सेवाएं लोगों को मिलें, इसके लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर सम्बंधित चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए। जन सेवा से जुड़े इस पुनीत कार्य मे किसी भी रूप से लापरवाही सहन नहीं कि जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर ओपीडी में सेवाएं नियमित प्रदत्त हों इसके लिए स्वास्थ्य विभाग मानवीय आधार पर अपने दायित्व का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से इस संदर्भ में नियमित औचक निरीक्षण समय-समय पर किए जाएंगे और लापरवाही बरतने वालों से प्रशासन सख्ती से निपटेगा।





