आपको बता दें कि सरकार ने इस बार सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5050 रूपए प्रति किवंटल निर्धारित किया है. लेकिन अभी आढ़ती सरसों को 6200 से 6500 के बीच खरीद रहें है. यानी सरकार से अच्छा भाव आढ़ती किसानों को दे रहे है. इस बीच काफी किसान ऐसे भी है जो अच्छे भाव होने के इंतजार में है. क्योंकि पिछले वर्ष सरसों का एमएसपी करीबन 4600 रूपए प्रति किवंटल था और प्राइवेट भाव साढ़े 8 हजार तक पहुँच गया था. जो किसान आर्थिक रूप से ठीक है. वो किसान फिलहाल अच्छे भाव के इंतजार में है. वहीँ जिन किसानों को अभी पैसे की जरूरत है. वो मंडी में सरसों बेच रहे है.
यहाँ आपको ये भी बता दें कि रेवाड़ी जिला सरसों की पैदावार करने में सबसे आगे रहा है. पिछले वर्ष सरसों के अच्छे भाव किसानों को मिले थे इसलिए इस बार भी रेवाड़ी के कुछ किसानों अच्छे भाव मिलने के इंतजार में है.
वहीँ अगर गेंहू की अवाक की बात करें तो एक अप्रैल से गेंहू की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है. गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य सरकार ने 2015 निर्धारित किया है. जिले के रेवाड़ी , बावल और कोसली में खरीद केंद्र बनाये हुए है. मंडी में किसानों को किसी तरह की दिक्कत ना आयें उसके लिए डीसी यशेंद्र सिंह सबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करके दिशा निर्देश दे चुके है. डीसी ने कहा कि किसानों और श्रमिकों को जल्द भुगतान किया जाएँ. वहीँ पेयजल की व्यवस्था, बिजली आपूर्ति , शौचालय और साफ –सफाई व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए है. रेवाड़ी अनाज मंडी में अटल कैंटीन भी चलाई जा रही है, जहाँ पर किसान और श्रमिक महज 10 रूपए में खाना खा सकते है.





