मुख्यमंत्री राहत कोष गरीब व जरूरतमंद लोगों के हितों को देखते हुए राहत कार्य योजना है जिसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। यह जानकारी मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. उमाशंकर ने दी। वे गुरुवार को मुख्यमंत्री राहत कोष के मद्देनजर प्रदेश भर के डीसी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आवश्यक जानकारी दे रहे थे। डीसी यशेन्द्र सिंह ने वीसी में जिला स्तर पर योजना के क्रियान्वयन से अवगत कराते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य आवश्यक सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को बेहतर ढंग से दिया जा रहा है।
डीसी यशेन्द्र सिंह ने वीसी में दिए निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष योजना का लाभ पात्र लोगों को सुगम तरीके से दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब इस योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को सरल पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद ही इस योजना का लाभ पर विचार किया जाएगा जो बिल पहले मुख्यमंत्री कार्यालय में भेजे जाते थे अब इन बिलों को जिला स्तर पर डीसी द्वारा ही स्वीकृत किए जाएंगे। डीसी ने सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के ऐसे जरूरतमंद गरीब व्यक्ति जो गम्भीर बीमारी से ग्रस्त है और वह अपनी बीमारी के ईलाज का खर्च वहन नहीं कर सकते। ऐसे लोगों को पंजीकरण करवाते हुए उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से सहयोग किया जाए। उन्होंने सिविल सर्जन व सम्बंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे जरूरतमंद को शीघ्र लाभ मिले इसके लिए आवेदन आनलाईन करवाए और शीघ्र ही जांच-पड़ताल करके आवेदनों को अंतिम रूप दे ताकि समय से लाभार्थी को लाभ मिल सकें।
डीसी ने सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत सरकार द्वारा 25 बीमारियों को भी सम्मिलित किया गया है, जो आयुष्मान योजना के अन्तर्गत नहीं आती हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष के अन्तर्गत लाभार्थियों को इन बीमारियों का भी लाभ प्रदान किया जाएगा जो आयुष्मान भारत योजना में कवर नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि सरकार जनसेवा को समर्पित होकर योजनाओं को लागू कर रही हैं और प्रशासन इसे प्रभावी ढंग से क्रियान्वित कर रहा है।





