रेवाड़ी नगर परिषद् में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होने के बाद रेवाड़ी से कांग्रेस विधायक चिरंजीव राव ने कहा है कि नगर परिषद् रेवाड़ी में बिना घूस लिये कोई काम नहीं होता है. अधिकारियों ने तो जनता का काम करने के लिए घूसखोरी की बाकायदा लिस्ट बनाई हुई है. उन्होंने कहा कि नगर परिषद् रेवाड़ी में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है. जिसकी आवाज वो पहले से उठाते आयें है. ना केवल विपक्ष के पार्षद बल्कि सत्ता पक्ष के पार्षद भी नगर परिषद की बैठक में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते आयें है. लेकिन अब भ्रष्टाचार कि ऑडियो क्लिप ने ये पूरी तरह से साबित कर दिया है कि नगर परिषद् में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है.
उन्होंने कहा कि नगर परिषद् में हो रहे घोटालों पर जब पार्षदों ने शोर मचाया था तब केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह ने चेयरपर्सन और पार्षदों की क्लास भी ली थी. चिरंजीव राव ने कहा कि भ्रष्टाचारी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज हुए आज तीन दिन बीत गए है. लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई. उनकी मांग है कि आरोप अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाएँ और इस मामले में निष्पक्ष जाँच की जाएँ.

चिरंजीव राव ने कहा कि वो इस मामले में मुख्यमंत्री मनोहर से भी मुलाकात करेंगे. ताकि इस मामले में जल्द और उचित कार्रवाई करके दोषियों को सजा दिलाई जा सकें. आपको बता दें कि गुरुग्राम विजिलेंस थाना में नगर परिषद् के ईओ अभय सिंह, एमई सोहन और एमई के पिता नन्दलाल जो किसी दूसरें महकमे के एसडीओ है. तीनों पर बाईनेम एफआईआर दर्ज की थी. रेवाड़ी शहर के कालका रोड़ स्थित विकास नगर के रहने वाले जगदीश नाम के व्यक्ति की शिकायत पर ये केस दर्ज किया गया था. जिन्होंने कहा था कि चाचा का प्लाट उनके बेटे का नाम ट्रांसफर होना था. जिसके लिये नगर परिषद् से एनडीसी की जरूरत थी. शिकायतकर्ता जगदीश ने दिसंबर माह में ऑनलाइन एनडीसी के लिए अप्लाई किया था. जिसके बाद लगातार घूस मांगकर उसे परेशान किया जा रहा था. परेशान होकर उन्होंने विजिलेंस टीम को को सूचना दी और घूस मांगने की ऑडियो भी विजिलेंस टीम को भेज दी. जिसके बाद 29 मार्च को केस दर्ज किया गया था.
चिरंजीव राव ने प्रेसवार्ता करके शहर के विभिन्न मुद्दों पर भी नगर परिषद् पर सवाल खड़े किये है. उन्होंने कहा कि रेवाड़ी में कोई विकास कार्य नहीं हो रहा है. जो वायदे चुनाव में चेयरपर्सन और बीजेपी ने किये थे उनमे से एक भी वायदे पर काम नहीं हुआ है.





