
इन दिनों ट्रांसजेंडर के काफी मामले सामने आ रहे है.एक लड़की या लड़के को ऐसा एहसास होने लगता है कि ऊपर वाले ने उसे जो बनाया है वह असलियत में वो नहीं है यह एक बीमारी होती है जिसे जेंडर डिस्फोरिया के नाम से जाना जाता है.ऐसे बहुत ही कम लोग होते है जो अपनी इस बीमारी के बारे में किसी को बता पाते है.लेकिन माया ने हिम्मत जुटा कर अपने परिवार को इसके बारे में बताया.उसके बाद माया ने जेंडर चेंज कराकर अपनी इस बीमारी से निजात पाई.
सूत्रों के मुताबिक माया ने 22 साल तक एक लड़की की तरह ही जिंदगी जी. दरअसल माया जेंडर डिस्फोरिया बीमारी से जूझ रही थी. जिसमें माया को लगने लगा कि ईश्वर ने उन्हें लड़की तो बनाया है. लेकिन उसमें लड़कियों जैसे कोई गुण नहीं है. उसके बाद 25 साल की उम्र में माया ने जेंडर चेंज कराने के लिए इलाज तो शुरू कर दिया. उसके 3 साल के सफल इलाज के बाद उसने अपना नाम माया से बदलकर राजवीर रख लिया.

माया से राजवीर बनने के बाद उसने एक स्कूल में आर्ट टीचर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया. वहां पर राजवीर की मुलाकात एक टीचर हेमलता से हुई. राजबीर ने बताया कि उन दोनों की मुलाकात इतनी जल्दी प्यार में बदल गई की पता भी नहीं चला, हालांकि शादी से पहले राजवीर ने अपने माया से राजबीर बनने की पूरी कहानी हेमलता को बता दी थी और हेमलता ने ना सिर्फ उन्हें कबूल किया, बल्कि वे राजबीर के साथ बेहद खुश हैं.
वहीं हेमलता बताती है कि करीब 3 साल पहले उनकी मुलाकात राजबीर से एक स्कूल में हुई थी. जहां हम दोनों एक साथ पढ़ाते थे.राजवीर से मिलने के बाद में मुझे उसकी बीती जिंदगी के बारे में कुछ नही पता था.एक दिन खुद मुझे राजवीर ने बताया,कि उन्होंने जेंडर चेंज करवाया है. लेकिन मुझे विश्वास नहीं हुआ और मैं बहुत ज्यादा आश्चर्यचकित हो गई, क्योंकि मुझे लगा क्या ऐसा भी होता है? हेमलता आगे कहती हैं कि वह बेहद खुशनसीब हैं कि उन्हें राज जैसा पति मिला है. बता दें राजबीर एक सफल ब्लॉगर के साथ-साथ एक मशहूर पेंटर भी है, जो किसी चीज को एक बार देख ले तो उसे हुबहू कैनवास में उकेर देते हैं. राजबीर की ये कला भारत के साथ विदेश में भी काफी पसंद की जाती है.










