हरियाणा विधानसभा के  सचिव पद पर तैनात  एच.सी.एस. अधिकारी की नियुक्ति को नौ  महीने बाद भी मान्यता लंबित

By Sahab Ram
On: April 28, 2026 5:18 PM
Follow Us:

चंडीगढ़  – हरियाणा विधानसभा का एक दिन का विशेष  सत्र सोमवार 27 अप्रैल को‌ आहूत किया  ( बुलाया) गया. इस सत्र में अन्य‌ कार्यों के साथ 

हरियाणा लिपिकीय ( भर्ती तथा सेवा की शर्तें) विधेयक, 2026 को भी सदन में पारित कर दिया गया.

इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में  एडवोकेट और विधि-विधायी मामलों के जानकार   हेमंत कुमार ने पुन: हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) , नेता प्रतिपक्ष और  मुख्य सचिव को लिखकर पिछले नौ महीनों से विधानसभा सचिव के पद पर कार्यरत  एक हरियाणा  सिविल सेवा ( कार्यकारी शाखा) एच.सी.एस. ( ई. बी.) अधिकारी राजीव प्रसाद की नियुक्ति को कानूनी मान्यता प्रदान करने का मामला उठाया है.

Haryana takes major step towards realising vision of Viksit Bharat-2047

 गत वर्ष 20 जुलाई 2025 को हरियाणा  सरकार के कार्मिक विभाग द्वारा 2016 बैच के एच.सी.एस. राजीव प्रसाद को हरियाणा विधानसभा में  सचिव पद पर  तैनात किया गया था.

हेमंत ने बताया कि हरियाणा विधानसभा सचिवालय सेवा नियम, 1981, जैसे आज तक संशोधित हैं,  के अनुसार हालांकि विधानसभा के सभी पदों की नियुक्ति स्पीकर द्वारा की जा सकती है परन्तु जहाँ तक विधानसभा सचिव के पद का प्रश्न है, तो इस पद पर प्रदेश सरकार द्वारा स्पीकर से परामर्श कर सचिव की नियुक्ति की जाती  है.

बहरहाल, जहाँ तक विधानसभा सचिव के लिए निर्धारित  योग्यता एवं अनुभव का विषय है, हेमंत ने बताया कि इस पद के लिए सीधी भर्ती द्वारा, प्रमोशन द्वारा, ट्रांसफर द्वारा और डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) द्वारा नियुक्ति की  जा सकती  है. जहाँ तक सीधी भर्ती का विषय है, तो इसके लिए विधि स्नातक अर्थात  लॉ डिग्री (प्रोफेशनल )  के साथ साथ या तो  सचिवालय प्रशासन, संसदीय प्रक्रिया और विधानसभा के नियमों के व्यवहारिक ज्ञान और पर्यवेक्षीय क्षमता के तौर पर आठ वर्ष का अनुभव अथवा अधीनस्थ न्यायालय में वकील के तौर पर  10 वर्षो की प्रैक्टिस या हाई कोर्ट में वकील के तौर पर  5 वर्ष की प्रैक्टिस होनी चाहिए.

Haryana Industries and Commerce Department notifies new policies

जहाँ तक प्रमोशन से विधानसभा सचिव  पद पर नियुक्ति  का विषय है, तो विधानसभा सचिवालय में एक वर्ष के अनुभव वाला अतिरिक्त सचिव इस पद के लिए योग्य है. इसके अतिरिक्त उपयुक्त ग्रेड का प्रदेश कैडर का आई.ए.एस. अधिकारी एवं प्रदेश के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) कार्यालय में तैनात सहायक महाधिवक्ता, उप -महाधिवक्ता और वरिष्ठ उप महाधिवक्ता, जो पब्लिक प्रासीक्यूटर नियुक्त होने के योग्य हो, वह भी ट्रान्सफर आधार पर विधानसभा सचिव बन सकता है. इसी प्रकार प्रदेश के वरिष्ठ जुडिशल सेवा कैडर अर्थात अतिरिक्त डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस  न्यायधीश  रैंक का जज अरथात न्यायिक अधिकारी भी प्रतिनियुक्ति पर विधानसभा सचिव बन सकता है.  

अब चूँकि वि.स. सचिव पद की योग्यता के लिए सचिवालय  सेवा नियमों में एच.सी.एस. अधिकारी का उल्लेख नहीं है, इसलिए राजीव प्रसाद की वि.स. सचिव पद पर तैनात के लिए सेवा नियमों में उपयुक्त संशोधन करना अनिवार्य है. 

हेमंत ने बताया कि यह अत्यंत आश्चर्यजनक है कि गत नौ महीने  में आज तक किसी ने इस महत्वपूर्ण विषय की ओर ध्यान कर नहीं दिया है. वह गत वर्ष जुलाई से लगातार इस मामले को प्रदेश सरकार और विधानसभा सचिवालय के साथ उठाते  रहे हैं. संभवतः इसी कारण राजीव प्रसाद गत नौ महीने से अपने नाम के बाद एच.सी.एस. नहीं लिख पा रहे हैं. राजीव वैसे तो वर्ष 2004 में तत्कालीन चौटाला सरकार दौरान  एच.सी.एस. में चयनित हुए थे परन्तु उन्हें सेवा में नियुक्ति आज से दस वर्ष पूर्व मई, 2016 में ही मिल सकी थी.

जिला लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति की बैठक आयोजित, सहकारिता मंत्री अरविंद कुमार  शर्मा ने 16 में से 10 परिवादों का किया मौके पर समाधान

Sahab Ram

हरियाणा मीडिया में पिछले 14 सालों से सक्रिय। Yuva Haryana, Khabar Fast, STV Haryana News, खबरें अभी तक, A1 Tehelka में अपनी सेवाएं दी। चौपाल टीवी डिजिटल मीडिया के संस्थापक ।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment