Haryana Weather: हरियाणा में मंगलवार, 27 जनवरी को मौसम ने अचानक करवट ले ली। प्रदेश के 10 जिलों में बारिश के साथ जमकर ओलावृष्टि हुई, जिससे कई इलाकों में बर्फ जैसी सफेद चादर बिछ गई। ओले गिरने से जहां जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। भिवानी, करनाल, पानीपत, रोहतक, हिसार, फतेहाबाद, नारनौल, अंबाला, यमुनानगर और झज्जर में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। खासतौर पर भिवानी, रोहतक, हिसार और यमुनानगर में ओलावृष्टि इतनी तेज रही कि खेत और सड़कें सफेद नजर आईं।
इन 10 जिलों के अलावा सोनीपत, कुरुक्षेत्र, रेवाड़ी, गुरुग्राम, पंचकूला और नूंह में भी बारिश दर्ज की गई। दोपहर बाद फरीदाबाद में भी बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरे एनसीआर क्षेत्र में ठंड और बढ़ गई।
मौसम विभाग ने पूरे दिन के लिए प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। दोपहर दो बजे जारी ताजा अपडेट के अनुसार, बराड़ा, जगाधरी, नारायणगढ़, पंचकूला, पेहोवा, शाहाबाद और अंबाला में अगले तीन घंटे के भीतर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, होडल, नूंह, पलवल, ताऊरू, बल्लभगढ़, सोहना, गुरुग्राम, फरीदाबाद, थानेसर, रादौर, गुहला, चंडीगढ़ और कालका समेत कई क्षेत्रों में यलो अलर्ट लागू किया गया है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि तेज हवा और बारिश के दौरान लोग बिजली के खंभों, पेड़ों और खुले स्थानों से दूर रहें। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बारिश और ओलावृष्टि के चलते प्रदेश में ठंड और बढ़ेगी। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जिससे सुबह-शाम कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
फसलों पर असर को लेकर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गेहूं विशेषज्ञ डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि फिलहाल ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान नहीं होगा, क्योंकि अभी गेहूं में बालियां नहीं आई हैं। अगर बालियां निकलने के बाद ओले गिरते, तो नुकसान ज्यादा होता। हालांकि, उन्होंने सरसों की फसल को लेकर चिंता जताई है। डॉ. बिश्नोई के अनुसार, सरसों में इस समय फूल और करीब 50 प्रतिशत फलियां आ चुकी हैं, ऐसे में ओलावृष्टि से फूल और फलियों के झड़ने का खतरा है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है।






