Haryana: हरियाणा के सरकारी स्कूलों में स्टाफ के संकट से निपटने के लिए पक्की भर्ती होने तक अनुबंध आधार पर नए शिक्षक रखने की तैयारी है। HKRNL के माध्यम से जल्द ही यह नियुक्तियां की जा सकती हैं।
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के कुल एक लाख 22 हजार 359 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 29 हजार 866 पद खाली हैं। वर्तमान में 81 हजार 388 नियमित शिक्षक हैं, जबकि 11 हजार 105 अतिथि अध्यापक हैं। इस तरह कुल 92 हजार 493 शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, इसके अलावा HKRN के माध्यम से 6667 शिक्षक विभिन्न स्कूलों में लगाए गए हैं। बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसलिए अनुबंध आधार पर जल्द ही नई भर्तियां की जा सकती है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग की ओर से HKRN के तहत स्कूलों में कार्यरत सभी गैर शिक्षक कर्मचारियों का ब्योरा भी मांगा है। सेकेंडरी शिक्षा निदेशक की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर स्पष्ट हिदायत दी है कि उनके जिले में कार्यरत HKRN कर्मियों का ब्योरा मुहैया निर्धारित प्रोफार्मा के अनुरूप मुहैया करवाया जाए। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, इसमें कर्मचारी का नाम, पदनाम, तैनाती कार्यालय/विद्यालय, नियुक्ति तिथि, स्वीकृत पद तथा वर्तमान कार्यस्थल शामिल है। हालांकि विभाग की ओर से कई बार जिला स्तर पर यह सूचना मांगी जा चुकी है, मगर निर्धारित समयावधि पर उपलब्ध नहीं करवाई गई है। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों की लापरवाही पर सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित समयावधि के भीतर रिपोर्ट भेजना अनिवार्य है। यदि किसी जिले से यह सूचना समय पर नहीं आती है तो संबंधित जिला अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। Haryana News
मिली जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारियों को लिखे पत्र में शिक्षा विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि HKRN के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों की स्थिति जानना आवश्यक है ताकि सरकार को यह पता चल सके कि कितने कर्मचारी किस स्तर पर और किन संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। Haryana News
जानकारी के मुताबिक, पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि जिला स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों का डाटा एकीकृत रूप में उपलब्ध कराया जाए, ताकि विभाग द्वारा आगामी भर्तियों की कार्य योजना तैयार की जा सके।






