Haryana: हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के गृह विभाग ने कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (DGP) OP सिंह और होम गार्ड के कमांडेंट जनरल और नागरिक सुरक्षा निदेशक मोहम्मद अकील को कल सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त होने पर सेवानिवृत्त होने का आदेश जारी किया। जानकारी के मुताबिक, UPSC की पैनल कमेटी DGP पद के लिए तीन अधिकारियों के पैनल को अंतिम रूप देने के लिए बैठक करेगी।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा। 1 जनवरी को नए DGP के संबंध में आदेश जारी होने की संभावना है। पैनल में शामिल होने वाली कमेटी में UPSC के अध्यक्ष, या उनकी अनुपस्थिति में, सदस्य, केंद्रीय गृह सचिव या उनके द्वारा नॉमिनेटेड व्यक्ति, राज्य के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, DGP OP सिंह और गृह मंत्रालय द्वारा नॉमिनेटेड CPO या CPMF के प्रमुखों में से एक अधिकारी शामिल होंगे।
जानकारी के मुताबिक, कार्यवाहक DGP OP सिंह आज (31 दिसंबर) रिटायर होंगे। उनके साथ दो अन्य सीनियर ऑफिसर 1989 Batch के मोहम्मद अकील और 1991 Batch के आलोक कुमार रॉय भी रिटायर हो चुके हैं। इसके गृह विभाग ने ऑर्डर जारी कर दिए हैं। DG जेल को वर्तमान में तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है।
पैनल में 5 IPS अफसरों के नाम
मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा सरकार ने 16 दिसंबर को UPSC को 5 अधिकारियों शत्रुजीत कपूर (1990 Batch), एसके जैन (1991 Batch), अजय सिंघल (1992 Batch), आलोक मित्तल और अर्शिंदर चावला (दोनों 1993 Batch) के रिकॉर्ड सहित एक प्रस्ताव भेजा गया है।
जानकारी के मुताबिक, कपूर ने न्यूनतम कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए थे और साथी IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के बढ़ते दबाव के बीच उन्हें 14 अक्टूबर को छुट्टी पर भेज दिया गया था। 14 अक्टूबर को कपूर छुट्टी पर चले गए और 1992 Batch के IPS अधिकारी OP सिंह को राज्य के DGP का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
3 अफसरों के DGP बनने के दावों की वजहें..
अजय सिंघल: ये 1992 Batch के IPS अफसर हैं। पूर्व DGP शत्रुजीत कपूर के बाद ये सबसे सीनियर मोस्ट अफसर हैं। अभी ACB के प्रमुख पद पर तैना हैं। सिंघल की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के नेताओं में अच्छी पकड़ है। इसके अलावा पूर्व CM मनोहर लाल खट्टर के अफसरों की गुड लिस्ट में भी शामिल हैं। अपने कार्यकाल के दौरान ग्राउंड और पुलिसिंग के अच्छे पदों का अनुभव है। यही वजह है कि ये अभी पुलिस महानिदेशक (पुलिस) के पद पर सबसे आगे बने हुए हैं।
आलोक मित्तल: ये 1993 Batch के IPS अफसर हैं। पुलिस में आने से पहले उन्होंने करीब साल भर तक जमशेदपुर में टाटा मोटर्स में नौकरी की थी। IPS आलोक ने ही देश में सबसे पहले 2007 में फरीदाबाद में बतौर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महिला PCR शुरुआत की थी। इसके अलावा उन्हें पुलिस की ग्राउंड पोस्टिंग का अच्छा अनुभव है। वह NIA में भी रह चुके हैं। मित्तल पूर्व CM मनोहर लाल के काफी करीबी रहे हैं। उनके कार्यकाल में वह सीआईडी के ओएसडी भी रह चुके हैं।
एएस चावला: 1993 Batch के IPS अफसर हैं। नवंबर 2025 में सरकार ने इन्हें ADGP रैंक से DG रैंक पर प्रमोट किया है। चावला के पास पुलिसिंग का अच्छा अनुभव है। अभी वह हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के निदेशक के रूप में प्रशिक्षण और सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण काम देख रहे हैं। दोनों अधिकारियों का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सेवा रिकॉर्ड लंबे समय से प्रशंसनीय माना जाता रहा है। चावला नए DGP की रेस में प्रबल दावेदार हैं। एक तो वह CM नायब सैनी के करीबी हैं।
DGP पैनल में अब तक क्या हुआ…
मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने प्रदेश के नए DGP पैनल के लिए 12 दिन पहले पांच IPS अफसरों का पैनल भेजा, जिसमें हटाए गए पूर्व DGP शत्रुजीत कपूर का नाम भी शामिल किया गया।
जानकारी के मुताबिक, पैनल भेजने के बाद UPSC की ओर से चंडीगढ़ पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गई। ये FIR IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में दर्ज की गई है। इसमें पूर्व DGP शत्रुजीत कपूर का नाम शामिल है।






