यह दौड़ 51 किलोमीटर से 55 किलोमीटर की दूरी प्रतिदिन तय करते हुए तमिलनाडु,कर्नाटक,आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश प्रांत के अयोध्याधाम में 24 नवम्बर को सफलतापूर्वक पहुंच पाई थी. कल नरेंद्र ने यह विश्व रिकॉर्ड राम जन्म भूमि न्यास को समर्पित किया।
विश्व रिकार्ड का प्रमाण पत्र माननीय चम्पत राय (विश्व हिंदू परिषद के नेता और उपाध्यक्ष हैं, और वर्तमान में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव के रूप में कार्यरत हैं) को दिया । इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य खेलों के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन चरित्र आज के युवाओं के जीवन में काम आ सके क्योंकि राम ने वनवास के दौरान शौर्य पराक्रम व समरसता का बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया है। राम ने अपने जीवन से लोगों को प्रेरणा देते हुए यह बताया है कि व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में कमजोर नही होता इस समाज से बुराइयों का विनाश करने के लिए कई बार विकट परिस्थितियों से भी गुजरना पड़ता है।
आर्मी के जवान कृष्णचंद के पुत्र का सपना दुनिया के सभी सात महाद्वीपो पर फतेह कर वर्ल्ड रिकार्ड बुक में छाप छोडने का है। नरेन्द्र ने अब तक 5 महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह किया है। 2012 में पर्वतारोहण के बेसिक,2013 मे एडवांस, 2015 में एम.ओ.आई. के साथ सभी कोर्स पास किए। 20 मई 2016 को नेपाल के रास्ते माउंट एवरेस्ट फतेह किया। अब तक 5 महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटियों को फतह किया है। जिसमें माउंट एवरेस्ट, किलिमंजारो को दो बार एलब्रुस को ट्रैवल्स में, कोजास्को व ऑस्ट्रेलिया की 10 सबसे ऊंची चोटियों को फतह किया व दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी एकंकागुआ को फतेह किया है। अब तक पर्वतारोहण के क्षेत्र में 18 विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए है अब अगला लक्ष्य, उत्तरी अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी देनाली है अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटीविंसन है जिसके लिए तैयारी में लगे हुए हैं इसके साथ-साथ विश्व की सभी वर्ल्ड रिकॉर्ड संस्थाओ ने इनको वर्ल्ड किंग का सम्मान दिया है व राष्ट्रिय साहसिक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। पिछले वर्ष नरेंद्र को लॉस एंजिलिसडेवलपमेंटइंस्टिट्यूट,लॉस एंजिलिस( यूनाइटेड स्टेट्स) की तरफ से डॉक्टर ऑफ मोटिवेशन की उपाधि से नवाजा गया।





